गोद लिए 182 बच्चों ने दी टीबी को मात
क्षय रोग उन्मूलन के लिए राज्यपाल की प्रेरणा से गोद लिए गए थे
दो बार गोद लिए गए शून्य से 18 साल के बच्चों ने टीबी को हराया
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। क्षय रोग (टीबी) को हराकर प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने के लिए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अपील जिले में रंग लाई है। राज्यपाल की प्रेरणा से जिले में दो बार में गोद लिए गए शून्य से 18 साल के 182 बच्चे टीबी को हराकर सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं। तीसरे फेज में 141 बच्चों को मार्च 2021 में गोद लेकर टीबी मुक्त करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
वर्ष 2019 में सिद्धार्थनगर जिले के कपिलवस्तु विवि में आयोजित दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए रोगियों को गोद लेने की प्रेरणा दी थी। राज्यपाल की यह सलाह जिले को टीबी मुक्त बनाने की ओर अग्रणी भूमिका निभाने लगी है। वर्ष 2019 से लेकर अब तक तीन बार में 327 बच्चों को गोद लिया गया। जिसमें अंतिम चरण के 141 बच्चों को छोड़कर शेष दो फेज में 186 बच्चों के सापेक्ष 182 ने टीबी को हरा दिया है। इन बच्चों को अधीक्षक, सरकारी कर्मचारी, एनजीओ, रेडक्रॉस सोसाइटी, अध्यापक, मेडिकल स्टोर संचालक, प्राइवेट चिकित्सक व समाज सेवकों ने गोद लेकर लगातार निगरानी की। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. डीके चौधरी ने बताया कि राज्यपाल की प्रेरणा से जिले में तीन बार में 327 बच्चों को गोद लिया गया। 12 लोगों ने इन्हें गोद लेने के बाद लगातार इनकी निगरानी की और इन्हें बीमारी मुक्त बनाने के लिए प्रेरित किया। इसमें तीन बच्चों का उपचार के दौरान देहांत हो गया था, शेष 121 पूरी तरह स्वस्थ हैं।
लॉकडाउन में 62 की निगरानी
मार्च 2020 में लॉकडाउन लगने से पहले 62 बच्चों को गोद लिया गया। गोद लिए बच्चों का यह दूसरा फेज था। लॉकडाउन लग जाने से इनकी निगरानी क्षय रोग नियंत्रण विभाग के लोग संचार माध्यम से कर रहे थे। इसमें एक की मृत्यु हो गई, शेष सभी 61 पूरी तरह स्वस्थ हो गए हैं।
141 फिर गोद लिए गए
17 मार्च 2021 को 141 बच्चों को 54 लोगों ने गोद लिया है। यह सभी लोग अब इनकी निगरानी करेंगे। समय से दवा खाने, बीमारी को हराने आदि के लिए प्रेरित करेंगे। ताकि बाल मरीज दवा का समय से सेवन करता रहे और समयावधि में बीमारी को हरा सके।