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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने वर्ष प्रतिपदा उत्सव मनाया
बौद्धिक सत्र में हिंदू नव वर्ष के महत्ता पर चर्चा
संघ चालक हेडगेवार का भी जन्मदिन मनाया
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वावधान में आयोजित विविध कार्यक्रमों में हिंदू नव वर्ष मनाया गया। नगर के स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश के साथ उपस्थित रहे।
शनिवार को मुख्यालय स्थित रघुवर प्रसाद जायसवाल सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज में बौद्धिक सत्र में मुख्य अतिथि पृथ्वीराज सिंह आज के दिन का महत्व बताते हुए कहा कि हिंदू नव वर्ष के साथ ही संघ चालक डॉ. केशव राव बलिराम हेडगेवार का जन्मदिन भी है। ऐसे में वर्ष प्रतिपदा के रूप में मनाया जाता है। बताया कि इस दिन राम का राज्याभिषेक, शक संवत की स्थापना व प्रकृति में कई परिवर्तन होते हैं। उन्होंने स्वयं सेवकों को अनुशासन में रहते हुए समाज तथा राष्ट्र के लिए अपना योगदान देने को कहा। बताया कि संघ में संवाद तथा व्यक्ति के कार्य को महत्व दिया जाता है। कहा कि संघ को राजनीतिक नजरिए से न देखें, बल्कि कार्य को देखें। स्वयंसेवक में मातृभूमि के लिए समर्पण होता है। जो राष्ट्र को परम वैभव पर ले जा सकता है। आभार नगर संघ चालक अखिलेश नारायण श्रीवास्तव ने व्यक्त किया। इस मौके पर सांसद जगदंबिका पाल, इटवा विधायक डॉ सतीश द्विवेदी, विभाग प्रचारक सुरजीत, जिला प्रचारक नीरज, जिला संघ चालक राजेश शर्मा, महादेव प्रसाद, शंभूनाथ गुप्ता, मनोज मिश्रा, मदन मोहन सिंह, हरिश्चंद अग्रहरि, दीपक मौर्य, रमेश पांडेय, बृज बिहारी मिश्र, अभिषेक पाल, गोविंद माधव, रवि मिश्र की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक-दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं दी।
गंगा आरती में पहुंचे जनपदवासी
हिंदू नव वर्ष के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के तत्वावधान में जिला मुख्यालय स्थित जमुआर घाट पर गंगा आरती कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस दौरान स्वयंसेवकों के अलावा जनपद के भारी संख्या में नागरिकों की सहभागिता रही। सिद्धार्थ तिराहा पर भी वर्ष प्रतिपदा कार्यक्रम को लेकर बैनर व पताके से सजाया गया था।
‘भारतीय संस्कार अपनाएं’
उसका बाजार। भारतीय नववर्ष के अवसर पर शनिवार को कस्बा के शिव मंदिर परिसर में आरएसएस ने नव वर्ष उत्सव मनाया। इस अवसर पर आरएसएस के खंड के संघ चालक श्रीराम मिश्र ने कहा कि भारतीय संस्कार ही मानव जीवन को सर्वोत्तम बना सकते हैं। संस्कार युक्त मानव से ही सुंदर समाज की स्थापना होती है और देश का विकास होता है। सभी को इसी नव वर्ष को धूमधाम से मनाना चाहिए। पश्चिमी सभ्यता भारतीय संस्कृति के लिए घातक है। वर्तमान में अधिकांश युवा पीढ़ी के लोग भटक गए है। यदि इस पर अंकुश नहीं लगा तो आने वाली पीढ़ियों को भुगतना पड़ेगा। सभी को मिलकर युवाओं को जागरूक करना चाहिए। इस अवसर पर नगर संपर्क प्रमुख राजनरायन पांडेय, प्रह्लाद शाहू, बालमुकुंद तिवारी, वीरेंद्र यादव आदि रहे।