नाराज जिला पंचायत सदस्यों को मनाने पहुंचे अपर मुख्य अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
सिद्धार्थनगर। जिला पंचायत सभागार में मंगलवार को जिला पंचायत की बैठक हंगामेदार रही। बैठक शुरू होते ही मनरेगा के तहत भेजे गए कार्यों के प्रस्ताव ढाई वर्ष बाद भी पास न होने से गुस्साए सदस्य बैठक का बहिष्कार कर बाहर बैठ गए। बाद में पीडी संतकुमार ने 10 दिन में भेजे गए प्रस्तावों पर बजट पास करने का आश्वासन दिया। तब जाकर सदस्य माने और विकास कार्यों के लिए पांच अरब का बजट पास हुआ। वहीं बैठक में सांसद, विधायक व डीएम, सीडीओ का न पहुंचा भी चर्चा का विषय बना बना रहा।
सोमवार दोपहर 12 बजे जिला पंचायत सभागार में विकास से जुड़ी योजनाओं के बजट के आवंटन के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष गरीब दास गौतम की अध्यक्षता में बैठक शुरू हुई। शुरूआत में ही मनरेगा के तहत भेजे गए प्रस्ताव पर बजट आवंटित न होने से नाराज जिला पंचायत सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। कुछ ही देर में सदस्य विरोध जताते हुए सदन का बहिष्कार करते हुए बाहर चले गए और सदन में जिला पंचायत अध्यक्ष और अधिकारी बैठे रहे। वहीं अपर मुख्य अधिकारी बाहर जाकर सदस्यों से बातचीत की। इसी बीच पीडी संतकुमार ने 10 दिनों के भीतर मनरेगा के प्रस्ताव पर बजट आवंटित करने के बात कही तो सदस्य मान गए। इसके बाद विकास कार्यों के लिए कुल पांच अरब का बजट पास हुआ। इसमें तीन अरब 80 करोड़ रुपये जिला योजना के हैं।इस दौरान जिला पंचायत सदस्य तौलेश्वर निषाद, गंगा मिश्र, अतहर अलीम, अजय सिंह, उमेश सिंह, मो. उमर, अब्दुल सलाम, डॉ. जुबेर, महेंद्र सिंह, डीडी कृषि डॉ. पीके कन्नौजिया, बीएसए राम सिंह, जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।