बांसी (सिद्धार्थनगर)। बूढ़ी राप्ती पर निर्मित मदरहवा-अशोगवा-नगवा बांध टूटने से कटान स्थल के ठीक सामने स्थित सतवाढ़ी गांव के एक मकान से 11 लोग लापता हो गए थे। देर शाम सात बजे सभी सदस्य बांध के दूसरे तरफ नवइला गांव में मिले। इनके सुरक्षित होने की सूचना के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।
सतवाढ़ी में जिस जगह बांध कटा, उसी के सामने अरमान का पक्का मकान था। सुबह 11 बजे बांध जब अचानक कटा तो नदी का पानी काफी तेज गति से अरमान के घर पर ठोकर मारने लगा। खतरे को भांपते हुए सभी सदस्य बांध के दूसरी तरफ नवइला गांव की ओर भाग पड़े। ग्रामीणों ने उन्हें घर से निकलते देखा, लेकिन बांध पर न पहुंचने के बाद चिंतित हो गए। सभी ग्रामीण बांध पर पहुंच गए थे। आस-पास के गांवों के लोग भी बांध पर शरण ले लिए थे। ऐसे में अरमान के परिवार के सदस्यों के न पहुंचने से तरह-तरह की आशंकाएं जताई जाने लगी थी। काफी खोजबीन के बाद भी इनका पता नहीं चला। सूचना से प्रशासन में हड़कंप मच गया। सरकारी तंत्र को इन्हें ढूंढने के लिए लगाया गया। शाम करीब सात बजे सभी सदस्यों के बांध के दक्षिण तरफ स्थित नवइला गांव में सुरक्षित होने की सूचना मिली तो प्रशासन ने चैन की सांस ली। सदस्यों के मुताबिक सामने से पानी आने के कारण वह लोग दक्षिण की तरफ भागे थे। नवइला गांव में ऊंचे स्थान पर पहुंचकर शरण ली। इस संबंध में एसडीएम प्रबुद्ध सिंह ने बताया कि कुछ लोगों के गायब होने की सूचना थी। देर शाम रोगार सेवक अरविंद यादव ने सभी सदस्यों की नवइला गांव में सुरक्षित मिले हैं। उनसे संपर्क साधा जा रहा है।