सिद्धार्थनगर। महिला थाने में रविवार को नई किरण कार्यक्रम के तहत सुनवाई की गई। इसमें 21 मामलों में चार जोड़े सुलह-समझौता कर दोबारा एक साथ रहने को राजी हुए। अन्य मामलों में अगली तिथि को बुलाया गया। मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के खैरा खास गांव का एक मामला सामने आया। गांव निवासी अनीता का आरोप था कि उनके पति की 10 वर्ष पूर्व हत्या हो गई थी। दो बेटियां भी हैं।
पति के मौत के बाद से ही उनका और बच्चों का उत्पीड़न किया जा रहा है। ससुर बड़े बेटे के साथ खुद पक्का मकान में रह रहा है। जबकि हमे घर से बाहर निकाल दिया है। छप्पर डालकर दो बेटियों के साथ दिन काटने को विवश हूं। खेत की एक मंडी नहीं दिया है। एक माह पूर्व बड़े बेटे के नाम से मकान भी बैनाम कर दिया है। कहते हैं न तो घर में हिस्सा देंगे और न ही खेत में। अब दो-दो लड़कियों को लेकर कहां जाउं। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाए।
वहीं, ससुर का कहना था कि मकान बड़े बेटे के पैसे से बना है। मामले को गंभीरता से लेते हुए थानाध्यक्ष सुमन त्रिपाठी व काउंसलर विनयकांत मिश्र ने ससुर को कड़ी फटकार लगाई। थानाध्यक्ष ने मौके पर जाकर निरीक्षण कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया और ससुर को घर में हिस्सा देने के लिए चेतावनी दी। हिस्सा नहीं देने पर कार्रवाई करने को कहा। इस दौरान एसआई संगीता विश्वकर्मा, आरक्षी साधना यादव, कंचन, पूजा आदि मौजूद रहीं।