सिद्धार्थनगर। शहर से लेकर गांव तक लो-वोल्टेज की समस्या व्याप्त है। बिजली की किल्लत झेलने को लोग विवश हैं। लो- वोल्टेज के कारण उपकरण नहीं चल पा रहे हैं। लेकिन जिम्मेदार बेफ्रिक हैं। वह समाधान को लेकर कोई कदम नहीं उठा रहे हैं।
सरकार की प्राथमिकता में शामिल रहने वाली बिजली व्यवस्था का बुरा हाल है। सरकारी दावों में बिजली व्यवस्था बेहतर भले ही बताई जा रही है। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। जिले में जर्जर तार व बांस-बल्ली के सहारे बिजली सप्लाई तो आम बात रह गई है। पिछले एक सप्ताह से बिजली आपूर्ति का हाल और बुरा हो चुका है। 24 घंटे बिजली सप्लाई का दावा तो फेल हो ही रही है। आठ से 10 घंटे जो बिजली आपूर्ति हो रही है, वह भी न के बराबर रह गई है। लो वोल्टेज कारण उपभोक्ताओं को बिजली का लाभ नहीं मिल पा रहा है। यह हाल एक जगह का नहीं है, जिले के इटवा, डुमरियागंज, बांसी, शोहरतगढ़, नौगढ़ सभी क्षेत्रों की है। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में लगभग एक लाख 20 हजार उपभोक्ता कनेक्शनधारी हैं। इसके अलावा करीब 20 हजार अवैध कनेक्शन भी हैं। लो वोल्टेज के कारण पंखा, प्रेस, टीवी, फ्रीज, कूलर, इनवर्टर, एसी सहित अन्य उपकरण अनुपयोगी साबित हो रहे हैं। प्रदेश सरकार बार-बार जिले में बिजली व्यवस्था बेहतर होने का दम भर रही है। नगर निवासी रिंकू, सोनू तिवारी, इंद्रेश कुमार, जोगिया क्षेत्र के रामदेवलाल, राकेश कुमार सिंह, सोमनाथ, पवन कुमार आदि का कहना है कि बिजली व्यवस्था का हाल पहले से भी बुरा हो चुका है। जो आपूर्ति हो रही है, उससे कोई लाभ नहीं है। लो वोल्टेज के कारण पंखा आदि उपकरण शो-पीस बन गए हैं। इस भीषण गर्मी में बिजली व्यवस्था गड़बड़ होना बहुत बड़ी परेशानी है।
‘कम आ रही बिजली’
एक्सईएन एसके ओझा ने कहा कि सप्लाई बस्ती से ही कम आ रही है। इसलिए लो -वोल्टेज की समस्या उत्पन्न हो रही है। यह हाल केवल यहां का नहीं, पूरे प्रदेश में लो -वोल्टेज की समस्या है। विभाग को अवगत करा दिया गया है।
सप्लाई में हो कटौती
विभागीय लोगों की माने तो जहां 33 हजार वोल्टेज सप्लाई आनी चाहिए वह 28 ही हजार आ रही है। इस कारण लो-वोल्टेज की समस्या है। अभी उपभोक्ताओं को कुछ समय तक लो-वोल्टेज की समस्या को झेलना होगा।