देवरिया। भाटपाररानी इलाके में मानक को दरकिनार कर क्लीनिक चलाने वाले 11 संचालकों पर केस दर्ज होगा। स्वास्थ्य विभाग की जांच में बिना डिग्री मरीजों का इलाज करते हुए यह डॉक्टर पकड़े गए थे। चिकित्साधीक्षक ने खामपार और भाटपाररानी पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
स्वास्थ्य विभाग के तमाम प्रयास के बावजूद अवैध तरीके से क्लीनिक व नर्सिंगहोम चलाने वालों पर रोक नहीं लग रही है। शहर के बड़े नर्सिंगहोम संचालकों पर स्वास्थ्य महकमा हाथ डालने से कतरा रहा है। ग्रामीण इलाकों में बिना डिग्री क्लीनिक चलाने और इलाज के नाम पर मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है।
भाटपाररानी के चिकित्साधीक्षक की जांच में मिला कि क्षेत्र के सुबाष सरकार क्लीनिक बड़का गांव, डा. सिकंदर क्लीनिक बड़का गांव, कमल सरकार क्लीनिक मालीबारी, गुलाब क्लीनिक बंगरा बाजार, बंगाली, सेंट्रल बैंक के पास बंगरा बाजार, अच्छेलाल आर्यरन क्लीनिक, डॉ. धनंजय क्लीनिक बंगरा बाजार, डॉ. बंगाली फफेलिया मोड़, भरत क्लीनिक नौतन बाजार बंगरा बाजार, सत्यप्रकाश क्लीनिक नेटुआ बीर चौराहा, सुबाष कुशवाहा क्लीनिक भठवा तिवारी के संचालक बिना डिग्री का मरीजों का इलाज कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इन क्लीनिक संचालकों को अपने डिग्री के साथ उपस्थित होने के लिए कहा गया था। लेकिन कोई भी संचालक उपस्थित नहीं हुआ। चिकित्साधीक्षक डॉ. केके गुप्ता ने भाटपाररानी और खामपार पुलिस को नामजद तहरीर देकर केस दर्ज करने की मांग की है। इस बाबत भाटपाररानी सीओ बिजेंद्र राय ने बताया कि थाने पर तहरीर पड़ी है। कार्रवाई की जाएगी।