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पेयजल के लिए जनपद में लगेंगे 1100 हैंडपंप

Thu, 22 Mar 2018 11:22 PM IST
siddharthnagar
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सिद्धार्थनगर।गर्मी में लोगों को पेयजल संकट से निजात दिलाने के लिए जिले में 1100 नए हैंडपंप लगाए जाएंगे। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 220-220 हैंडपंप लगेंगे। पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शासन ने यह निर्देश दिए हैं।इंसेफेलाइटिस प्रभावित जिले में पेयजल व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है। ग्रामीण क्षेत्र के अधिकांश परिवार अभी भी कम गहराई वाले साधारण हैंडपंप के पानी का सेवन करने को विवश हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो पूरे जिले में तकरीबन 30 हजार हैंडपंप लगे हैं। इसमें भी 30 फीसदी हैंडपंप तकनीकी खराबी के कारण अक्सर बंद रहते हैं। 26 लाख की आबादी के बीच इतने हैंडपंप नाकाफी हैं। नतीजा ग्रामीण कम गहराई वाले देसी हैंडपंपों का पानी पीने को विवश हैं। शुद्ध पेयजल न होने के कारण ही लोग तमाम बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। इंसेफेलाइटिस भी इसमें से एक है।
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पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए अब शासन ने पहल की है। मॉनीटरिंग के लिए जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदारी सौंपी है। निर्देश दिया है कि प्रत्येक विधायक की सहमति पर 100-100 हैंडपंप लगाए जाएंगे। वहीं, सांसद की सहमति से भी प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 100-100 हैंडपंप का मानक तय किया गया है। इस लिहाज से जिले में कुल 1100 नए हैंडपंप लगाए जाएंगे। इतनी तादाद में हैंडपंप लगने से पेयजल व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। एक्सईन जलनिगम पवन कुमार यादव ने बताया कि सांसद व विधायक के कोटे से 1100 हैंडपंप लगाए जाने का निर्देश प्राप्त हुआ है। उनसे सूची मांगी गई है। सूची प्राप्त होते ही सर्वे कर हैंडपंप को लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

एक विधानसभा में 220 हैंडपंप
सिद्धार्थनगर। हैंडपंप की संख्या के अनुसार सांसद के कोटे से 500 हैंडपंप लगाया जाना है, जबकि विधायक को अपने- अपने विधानसभा क्षेत्र मेें 100-100 हैंडपंप लगाए जाने के लिए मिला है। वहीं, शिक्षक विधायक को 100 हैंडपंप मिला है। इस औसत से हर विधानसभा क्षेत्र में लगभग 220 हैंडपंप लगेंगे।
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सूची के बाद सर्वे करेगा जलनिगम
सिद्धार्थनगर। विभागीय लोगों के अनुसार विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र में जहां हैंडपंप लगाने के लिए कहेंगे, उस सूची के आधार पर जलनिगम की टीम मौके का सर्वे करेगी। यह देखा जाएगा कि वहां पहले से तो हैंडपंप नहीं लगा है। विभाग की मानें तो एक हैंडपंप पर कम से कम पांच घर यानी 25 लोग एक हैंडपंप से पानी सेवन करेंगे। इसी आधार पर हैंडपंप लगाने का सर्वे होगा।

कार्यकर्ताओं को संतुष्ट करने की भी कोशिश
गोरखपुर और फूलपुर के उपचुनावों में भाजपा की हार का बड़ा कारण कार्यकर्ताओं का असंतोष भी रहा है। पार्टी फोरम की विभिन्न बैठकों में कार्यकर्ता अपनी उपेक्षा के प्रति नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। लिहाजा कार्यकर्ताओं को संतुष्ट करने के लिए भी सरकार ने हैंडपंपों को जरिया बनाया है। जिले में पांच विधायक व एक सांसद सत्ताधारी दल से ही जुड़े हैं। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में इनके कोटे से दो सौ हैंडपंप लगने हैं। इनमें कार्यकर्ताओं की मर्जी को विशेष तरजीह मिलनी तय है।
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