डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर)। पंचायती राज विभाग की ओर से ब्लॉक सभागार में आयोजित ग्राम प्रधानों के चार दिवसीय क्षमता संवर्द्धन प्रशिक्षण का पहला दिन केवल लंच तक सिमटा रहा। दोपहर तक प्रधान प्रशिक्षण में मौजूद रहे, मगर लंच पैकेट मिलते ही प्रशिक्षण छोड़ घर चले गए। कई विभागों के जिम्मेदार भी गायब रहे।
नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों या उनके प्रतिनिधियों की क्षमता विकास व उनके दायित्वों से परिचित कराने के लिए गुरुवार से चार दिवसीय प्रशिक्षण जिला पंचायत राज अधिकारी के निर्देशन में ब्लाक सभागार में किया गया है। भनवापुर और डुमरियागंज ब्लाक क्षेत्रों में प्रशिक्षण कार्यक्रम पहले ही दिन बेमतलब साबित हो गया। जिन विभाग के अधिकारियों को प्रधानों को अपने विभागों से संचालित योजनाओं की जानकारी देनी थी, वे प्रशिक्षण में शामिल ही नहीं हुए। नतीजा भोजनावकाश के समय प्रधानों को लंच पैकेट देकर विदा कर दिया गया। पहले दिन भनवापुर में स्वास्थ्य, पंचायत विभाग के अलावा खादी ग्रामोद्योग और डुमरियागंज में पंचायत विभाग व खादी ग्रामोद्योग के अधिकारी ही प्रशिक्षण में उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रधानों को अपने-अपने विभागों की जानकारी दी। दोपहर बाद प्रशिक्षण में सारी कुर्सियां खाली हो गई। प्रशिक्षण में भनवापुर ब्लाक में एडीओ पंचायत लाले, प्रधान विनोद श्रीवास्तव, जगदीश शुक्ला, जगदंबिका श्रीवास्तव, हरिशंकर तिवारी, आलोक त्रिपाठी, मसउव्वर अली, घनश्याम यादव, सुनील मिश्रा, अशोक चौरसिया और डुमरियागंज में एडीओ पंचायत राजेंद्र गुप्ता, दिलीप उर्फ छोटे पांडेय, रामबिलास आदि मौजूद रहे। इस संबंध डुमरियागंज और भनवापुर बीडीओ सुशील अग्रहरि ने बताया कि वह विभागीय प्रशिक्षण के सिलसिले में लखनऊ आए हैं।
वहीं एडीओ पंचायत राजेंद्र गुप्ता ने बताया कि लंच के बाद गए प्रधान नहीं आए, जिससे दोपहर के बाद का प्रशिक्षण आरंभ नहीं हो सका है। शाम 5 बजे प्रशिक्षण का समय समाप्त होने के बाद जिन विभाग के अधिकारी नहीं आए हैं, उनकी रिपोर्ट जिला पंचायत राज अधिकारी से की जाएगी।