सीमा से सटे नेपाल के कपिलवस्तु जिले की पुलिस ने सुबह पकड़ा
खुले में शौच करने के आरोप में पकड़ा जाना बना हुआ है चर्चा का विषय
संवाद न्यूज एजेंसी
खुनुवां। खुले में शौच करना तीन भारतीय समेत 16 नेपाल के लोगों पर भारी पड़ गया। नेपाल पुलिस ने खुले में शौच करने के आरोप में उक्त लोगों को गिरफ्तार किया है। चौका देने वाला यह मामला सीमा से सटे नेपाल के कपिलवस्तु जिले के विजयनगर गांव पालिका से सामने आई है।
घटना मंगलवार की बताई जा रही है। बार-बार नोटिस देने के बाद खुले में शौच करना नहीं बंद किए तो पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बाद में पालिका अध्यक्ष को यह कहते हुए सौंपा गया कि अगर शौचालय नहीं बनाए और दोबारा खुले में शौच करते मिले तो एक से पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। खुले में शौच करने के आरोप में पकड़े जाने की चर्चा जोरों पर है।
सीमा से सटे नेपाल के कपिलवस्तु जिले के विजयनगर गांव पालिका में खुले में शौच करने पर 16 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस के मुताबिक बार-बार नोटिस जारी करने के बाद मंगलवार सुबह 5 बजे से ग्राम सभा और पुलिस की टीम ने खुले में शौच करने वालों की पहचान करने के लिए निगरानी शुरू कर दी। इसी निगरानी के दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। गांव पालिका के आवास समन्वयक अर्जुन बेलवासे के नेतृत्व में टीम ने पांच वार्डों में एक साथ निगरानी की।
पुलिस समेत निगरानी टीम को देख खुले में शौच करने वाले लोग तितर बितर हो गए। आवास समन्वयक ने बताया कि जो लोग पुलिस के कब्जे में हैं वे वार्ड नंबर 1, 2, 5, 6 और 7 के निवासी हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों में 3 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। वे रिश्तेदारों के यहां आये थे। पकड़े गए लोगों को शौचालय निर्माण व उपयोग करने का कागजात देकर वार्ड अध्यक्ष को सौंप दिया गया।
गांव पालिका ने फरवरी से संपूर्ण स्वच्छता लागू कर खुले में शौच मुक्त करने का अभियान चलाया था। समुदाय में तीन माह तक जागरूकता अभियान, शौचालय निर्माण अभियान चलाया गया और शौचालय निर्माण में अवहेलना करने वालों पर कार्रवाई करने की योजना बनाई गई। गांव पालिका के मुताबिक, शौचालय का इस्तेमाल न करने वालों पर सप्ताह में एक दिन नजर रखी जाएगी और कार्रवाई की जाएगी। गांव पालिका ने स्वच्छता प्रक्रिया बनाई है और खुले में शौच करने वालों पर 1000 से 5000 का जुर्माना लगाया है। हालांकि जिले को वर्ष 2021 में खुले में शौच मुक्त घोषित कर दिया गया था। लेकिन अभी भी जिले की अधिकांश गांव पालिकाओं में खुले में शौच किया जाता है।