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सरकारी कार्यालयों में गंदगी का अंबार, लचर कार्यप्रणाली भी उजागर

Mon, 24 Jun 2019 10:36 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
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विकास भवन के कार्यालयों का औचक निरीक्षण करतीं सीडीओ। - फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। विकास भवन में स्थित एक दर्जन कार्यालयों का मुख्य विकास अधिकारी ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान एकाध को छोड़कर सभी दफ्तरों में गंदगी का अंबार मिला। अभिलेखीय रखरखाव बेहतर न होने, दीवार गंदा होने, टूटे-फूटे फर्नीचर, टूटी पड़ी आलमारियों पर कड़ी नाराजगी जताई। भविष्य में पुनरावृत्ति पर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी। बहरहाल तमाम बिंदुओं पर मिली खामियों से अफसरों की लचर कार्यप्रणाली भी उजागर हो गई।
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सोमवार को 11 बजे अचानक मुख्य विकास अधिकारी हर्षिता माथुर ने विकास भवन स्थित विभिन्न कार्यालयों के औचक निरीक्षण का निणय लिया। पंचायती राज विभाग के निरीक्षण में शौचालय की साफ-सफाई न होने पर कड़ी फटकार लगाई गई। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग कार्यालय में डीपीओ के मीटिंग में होने की बात सामने आई, पर भ्रमण पंजिका में अंकन न होने पर नाराजगी जताई। जिला ग्रामोद्योग अधिकारी के निरीक्षण में नोटिस बोर्ड के बजाए कार्यालय के दीवार पर सूचनाएं चिपकाने पर सख्त नाराजगी जताई। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के निरीक्षण दौरान अनावश्यक रूप से बंद रखे गए कमरे को खाली करने के साथ ही डिप्लोमा संघ के पदाधिकारियों द्वारा एक अलग से कमरा आरक्षित करने के मामले में आवंटन संबंधी आदेश तलब किया।
पशुपालन विभाग कार्यालय में पूर्व के निरीक्षण में आलमारी के रखरखाव को लेकर हिदायत के बाद भी सुधार न होने पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को फटकार लगाई। मत्स्य विभाग के निरीक्षण में टूटी पड़ी कुर्सियों को ठीक न कराए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग व अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के दीवार की रंगाई-पुताई न होने पर एतराज किया। इसके अलावा समाज कल्याण विभाग, अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय, लघु सिंचाई, डीडीओ कार्यालय का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय जिला विकास अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राजेश कुमार सिंह भी साथ थे।
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स्वयं पानी पीने की जताई इच्छा
शुद्ध पानी पीने के लिए विकास भवन में भूतल पर भारतीय स्टेट बैंक की ओर से लगाए गए आरओ खराब होने पर मौके पर बैंक के शाखा प्रबंधक को बुलाया। संचालन को लेकर आ रही दिक्कतों को जाना। इस दौरान प्रबंधक को 24 घंटे के भीतर ठीक कराने के निर्देश, साथ ही ठीक होने पर स्वयं इस आरओ से पानी पीने की इच्छा भी जताई।

इन बिंदुओं पर रहा फोकस
मुख्य विकास अधिकारी के निरीक्षण में जिन बिंदुओं पर फोकस रहा, उनमें समय से पत्रावलियां प्रेषित करने, भ्रमण पंजिका अपडेट रखने, निरीक्षण की पत्रावलियां समय से प्रस्तुत करने, पदनाम समेत नेम प्लेट लगवाने, शौचालय की स्थिति बेहतर रखने, टूटी आलमारियां, कुर्सियां ठीक कराने, जरूरतमंद विभागों को नोटिस बोर्ड बनवाने, अभिलेखीय रख-रखाव बेहतर रखने जैसे निर्देश शामिल थे।
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