कल से खुलेंगे स्कूल, व्यवस्था बनाएं शिक्षण कार्य के अनुकूल
सीएम के बाद बीएसए ने जारी की फरमान, लापरवाही पर नपेंगे शिक्षक
एक से चलेगा स्कूल चलो अभियान, डोर-टू-डोर खोजे जाएंगे बच्चे
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। परिषदीय प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक स्कूलों तक के पट अब 25 जून को ही खुलेंगे। मुख्यमंत्री के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने यह फरमान जारी कर दिया है। हालांकि जून में बच्चे भले ही न आएं, लेकिन सभी शिक्षक अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर 27 जून तक विद्यालय की साफ-सफाई आदि की व्यवस्था चाक-चौबंद करेंगे। जबकि एक जुलाई से स्कूल चलो अभियान संचालित किया जाएगा। इस दौरान छह से 14 वर्ष के प्रत्येक बच्चों का नामांकन व उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। निर्धारित तिथि पर न खुलने व अन्य कार्य में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बेसिक शिक्षा अधिकारी राम सिंह ने बताया कि स्कूल समय में विद्यालय में शिक्षण कार्य करने के बजाय बीएसए कार्यालय व बीआरसी पर पहुंचकर अधिकारियों की गणेश परिक्रमा करने वाले शिक्षकों को भी शासन ने पूरी तरह से निशाने पर रखा है। सख्त हिदायत दी गई है कि विद्यालय संचालन समय में कोई शिक्षक, शिक्षामित्र व कर्मचारी कार्यालय पर न दिखाई पड़े। ऐसा करने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बताया कि मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में लिए गए निर्णय के क्रम में 25 जून को विद्यालय खोलने का निर्देश सभी खंड शिक्षाधिकारी व प्रधानाध्यापकों को दिया जा चुका है। साथ ही शासन के अन्य निर्णयों से अवगत कराया गया है। निर्देश की अनदेखी करने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
लगेगा फोटो व विवरण
स्कूलों में तैनात शिक्षक, शिक्षामित्र व शिक्षणेतर कर्मचारियों की फोटो व पूर्ण विवरण को अब विद्यालय में बड़े फ्लैक्स बोर्ड में लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे निरीक्षण करने वाले अधिकारियों से लेकर आम जन तक को उनके बारे में जानकारी हो सके।
सोशल मीडिया पर न करें टिप्पणी
परिषदीय स्कूलों में अध्ययनरत बालिकाओं का किसी स्तर पर उत्पीड़न न हो, इस पर भी शिक्षक पूरी तरह से नजर रखेंगे। साथ ही प्रति दिन शिक्षक विद्यालय में प्रार्थना सभा के बाद यूनिफॉर्म, साफ-सफाई आदि विषयों पर बच्चों से चर्चा करेंगे। सबसे अहम यह है कि हर समय सोशल मीडिया पर व्यस्त रहने वाले शिक्षकों को लेकर भी सख्त रुख अख्तियार किया गया है। उन्हें खास हिदायत दी गई है कि सोशल मीडिया पर विभाग व अधिकारियों से संबंधित को भी प्रतिकूल टिप्पणी न तो लिखेंगे, न तो किसी के पोस्ट को फारवर्ड या शेयर करेंगे। ऐसा करने वाले शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।