सिद्धार्थनगर। विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर शुक्रवार को संयुक्त जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर रक्तदान शिविर आयोजित हुआ। शिविर में रक्तदान कर 30 लोग महादानी बने। तीन लोगों ने पंजीकरण कराकर भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर रक्तदान करने का भरोसा दिया। इस बार रक्तदान करने के लिए दो महिलाओं ने कदम बढ़ाया। इस अवसर पर अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। इससे पूर्व शिविर का शुभारंभ एडीएम सीताराम गुप्ता ने किया। शिविर में ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी, सीनियर लैब टेक्निशियन अशोक कुमार, अकबर अली खां, एलटी एलके पांडेय व विजय लक्ष्मी चौधरी, परामर्शदाता अनीता, ऋषभ खन्ना, वार्ड ब्वाय सिराजुल, रंजीत कुमार यादव, रहीम आदि का विशेष सहयोग रहा।
पहल को सराहा
सीएमओ डॉ. आरके मिश्रा, सीएमएस डॉ. रोचस्मति पांडेय, डिप्टी कमांडेंट एसएसबी मनोज कुमार, विश्व स्वास्थ्य संगठन के एसएमओ डॉ. संदीप पाटिल, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. सौरभ कुमार चतुर्वेदी ने अमर उजाला के पहल का स्वागत किया।
महिलाएं भी पहुंची रक्तदान को
रक्तदान शिविर की जानकारी मिलने पर अधिवक्ता शुभांगी द्विवेदी ब्लड बैंक में रक्तदान करने पहुंचीं। शंकाओं का समाधान कर वे भी महादानी की श्रेणी में शामिल हुईं। वहीं बांसी क्षेत्र से आईं किरन पांडेय ने भी रक्तदान किया।
कमांडेंट ने सबसे पहले बढ़ाया कदम
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित रक्तदान शिविर में एसएसबी के प्रभारी कमांडेंट मनोज कुमार अपने सात जवानों के साथ रक्तदान के लिए पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले रक्तदान किया। इसके अलावा विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से जिले में तैनात एसएमओ डॉ. संदीप पाटिल ने भी रक्तदान किया।
इन्होंने किया रक्तदान
अमर उजाला फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित रक्तदान शिविर में राय बहादुर चौधरी, मनोज कुमार, नागेन्द्र नाथ त्रिपाठी, नितिन सिंह, महेन्द्र प्रताप, एस. रमेश नायक, अवनीश उपाध्याय, वी. श्रीनिवास राजू, प्रदीप कुमार यादव, शैलेश कुमार मिश्रा, बलराम यादव, दिलीप कुमार, अजय कुमार, आनंद चौधरी, आशीष सिंह, नीरज कन्नौजिया, नीरज कुमार, मनीष कुमार, शुभांगी द्विवेदी, किरन पांडेय, अरुण कुमार त्रिपाठी, डॉ. संदीप पाटिल, अनीता द्विवेदी, प्रतीक विश्वकर्मा, अरविंद कुमार झा, विजय कुमार चौधरी, अमित श्रीवास्तव, दीपक कुमार चौधरी, नितेश श्रीवास्तव, अविनाश सिंह शामिल रहे।
दूर हुईं भ्रांतियां
रक्तदान को लेकर मन में व्याप्त भ्रांतियां शिविर में पहुंचने के बाद दूर हुई। इसके बाद मैंने रक्तदान करने का निर्णय लिया। भविष्य में रक्तदान करने के लिए सदैव तत्पर रहूंगी।
- शुभांगी द्विवेदी
प्रयास सराहनीय
रक्तदान के लिए आमजन को जागरूक करने की दिशा में ‘अमर उजाला’ की पहल खून के अभाव में मरने वालों को बचाने में अहम भूमिका निभाएगी। ऐसे प्रयास होने चाहिए।
- डॉ. संदीप पाटिल
स्वयं के लिए करें रक्तदान
रक्तदान स्वयं के लिए भी उपयोगी है। इससे शरीर में रक्त संचार सुचारु होता है। नई स्फूर्ति आती है। ऐसे में अपने स्वास्थ्य के लिए ही कम से कम वर्ष में एक बार रक्तदान करना चाहिए।
- मनीष कुमार
बचाएं जान
रक्त कोशिकाओं की आयु सिर्फ 120 दिन होती है। इसके बाद वैसे भी रक्त कोशिकाओं को खराब होना ही है। ऐसे में रक्तदान कर दूसरे की जिंदगी ही क्यों न बचाई जाए।
- दीपक चौधरी
जरूरतमंदों को मिलेगा लाभ
जिंदगी-मौत से जूझते समय इंसान को रक्त की आवश्यकता होती है। जरूरतमंदों के लिए ब्लड बैंक के अलावा और कोई बेहतर विकल्प नहीं होता है। ऐसे आपके रक्तदान से दूसरे लाभांवित होंगे।
- विजय चौधरी
आगे भी करूंगा रक्तदान
रक्तदान से बेहतर समाज के लिए कोई दान नहीं हो सकता। हर इंसान को इसके लिए आगे आना चाहिए। यह सांप्रदायिक सौहार्द बढ़ाने में भी मददगार है। आगे भी मैं रक्तदान करूंगा।
- प्रतीक विश्वकर्मा
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जान बचाना जीवन का मकसद
खून के अभाव में जिंदगी और मौत से जूूझ रहे लोगों का जीवन बचाना ही मेरे जीवन का मकसद है। इसके लिए हर स्तर पर कोशिश करता हूं। जानकारी मिलने पर रक्तदान अवश्य करता हूं।
- महेन्द्र प्रताप शुक्ला
समय-समय पर करता हूं रक्तदान
जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक में खून की आस में पहुंचने पर तीमारदारों को निराश न होना पड़े। इसके लिए मैं समय-समय पर रक्तदान करता हूं। मजहब की परवाह किए बगैर मदद करता हूं।
- नितिन सिंह