संसाधन होते हुए भी गिर रहा शिक्षा का स्तर : माता प्रसाद
माता प्रसाद जायसवाल इंटर कॉलेज में डीलएड प्रशिक्षु सम्मेलन का आयोजन
डीएलएड के 88 प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र दिया गया
अमर उजाला ब्यूरो
इटवा। देश के विकास में शिक्षकों की अहम भूमिका होती है। ये शिक्षक ही हैं, जिनकी दी गई शिक्षा से मनुष्य पड़े पदों पर पहुंच कर देश के विकास में बड़े से बड़ा योगदान दे रहा है। शिक्षक पूरा जीवन कुछ न कुछ सीखता है और दूसरों को भी उसी शिक्षा से लाभान्वित करता है।
यह बात गुरुवार को पूर्व विधानसभाध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कही। वह स्थानीय माता प्रसाद जायसवाल इंटर कॉलेज में राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान के तहत आयोजित प्रशिक्षु सम्मेलन में आए डीएलएड प्रशिक्षु शिक्षकों को संबोधित कर रहे थे। कहा कि पूर्व में जब संसाधन नहीं थे। तब देश व प्रदेश में शिक्षा का स्तर काफी ऊंचा था। मगर जब विद्यालयों में अच्छे संसाधन हैं, तो शिक्षा की स्थिति काफी दयनीय है। इस शिक्षा के गिरते स्तर को उन्नति के रास्ते पर ले जाने के लिए संकल्प लेना होगा।
विशिष्ट अतिथि एसडीएम इटवा त्रिभुवन ने कहा कि शिक्षक ही हैं जिसकी सेवाएं कभी समाप्त नहीं होती है। वह अपनी शिक्षा से जीवन के अंतिम समय तक दूसरों को लाभान्वित करता रहता है। जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान बांसी के प्रवक्ता मनीष ने कहा कि शिक्षक को बदले के लिए नहीं बदलाव के लिए कार्य करना चाहिए। उनके मन में नकारात्मक विचार के बजाय सकारात्मक सोच होनी चाहिए। अंत में डीएलएड के 88 प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र दिया गया। इस दौरान शिक्षक शेष नारायण मणि उपाध्याय, श्याम नंदन शुक्ल, सुनील कुमार दूबे, जगजीत पांडेय, इजहार अली भी मौजूद रहे ।