पोल की वजह से बांसी में रुका है काम।
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सिद्धार्थनगर। एनएच-233 का निर्माण पूरा होने में 200 विद्युत पोल बाधक बने हुए हैं। नवंबर में निर्माण शुरू होने डीएम ने पोल हटवाने का निर्देश दिया था, बावजूद इसके बांसी व ककरहवा में ये पोल विद्युत निगम द्वारा हटाए नहीं गए। वहीं भीमापार में मुआवजा न मिलने कार्य पूरा नहीं हो पा रहा है। कुल 65 किलोमीटर के निर्माण में से 50 किलोमीटर का कार्य पूरा हो चुका है। यदि बारिश से पूर्व सड़क नहीं बनी तो लोगों को फिर दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
एनएच-233 के निर्माण कार्य को लेकर जिलेवासियों ने काफी मुसीबत झेली है। 65 किलोमीटर के अधूरे सड़क ने कई जिंदगियां छीन ली। आए दिन आंदोलन हुए है। इस बीच लोकसभा चुनाव की सुगबुगाहट शुरू हुई तो सांसद जगदंबिका पाल के प्रयास से 27 नवंबर को निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदाई संस्था जेसीपी प्रोजेक्ट लिमिटेड को मिली। चुनाव को देेखते हुए कंपनी ने तेजी से काम शुरू कराया। 65 किलोमीटर में से करीब 50 किलोमीटर में निर्माण हो चुका है। कार्यदायी संस्था के डायरेक्टर विवेक गर्ग ने बताया कि 334 करोड़ की लागत से 65 किलोमीटर एनएच-233 का निर्माण कार्य कराना है। इसके तहत आठ माइनर ब्रिज बनाने थे, जिनमें दो बनकर चुके हैं। शेष छह पर निर्माण कार्य चल रहा है। 25 पुलिया बनकर तैयार हैं। सबसे अधिक परेशानी बांसी, ककरहवा और शहर के भीमापार में है। बांसी और ककरहवा में 200 पोल काम में बाधा बने हैं। इसके अलावा भीमापार में जमीन का मुआवजा न मिलने से बाईपास बनाने में दिक्कतें आ रही हैं। बताया कि अगर पोल हट जाए, तो बरसात से पहले एनएच का काम पूरा हो जाएगा। लेकिन पोल अगर नहीं हटते हैं, तो काम करने में परेशानी आएगी। अधीक्षण अभियंता एके श्रीवास्तव ने बताया कि चुनाव की वजह से थोड़ी परेशानी थी। चुनाव खत्म हो गया है। जल्द से जल्द पोल को हटवा दिया जाएगा। डीएम कुणाल सिल्कू ने बताया कि पोल हटवाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। अगर जल्द से जल्द पोल नहीं हटे है तो संबंधित अफसरों पर कार्रवाई की जाएगी।
बस्ती से लुंबिनी की राह हो जाएगी आसान
अधूरे एनएच-233 के निर्माण के बाद बस्ती से लुंबिनी की राह आसान हो जाएगी। भारतीय पर्यटकों को लुंबिनी जाने के लिए अभी तक सौनोली होते हुए जाना पड़ता है। लेकिन एनएच का निर्माण पूरा हो जाने के बाद लोगों को बस्ती रुधौली के रास्ते ककरहवा होते हुए लुंबिनी जाना आसान हो जाएगा।