हर दिन मरीजों के बेड पर बिछेंगी अलग रंग की चादरें
सोमवार से जिला अस्पताल में कलर कोड सिस्टम लागू
इमरजेंसी समेत सात वार्डों में रहेगी मुकम्मल व्यवस्था
चादर न होने का बहाना नहीं बना सकेंगे स्वास्थ्य कर्मी
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। जिला अस्पताल के सभी सात वार्डों में कलर कोड सिस्टम लागू हो चुका है। इसके अनुसार वार्ड के बिस्तर पर हर दिन अलग-अलग रंग की चादर बिछेगी। इससे जहां एक ओर मरीजों को हर रोज साफ-सुथरी चादर उपलब्ध हो पाएगी वहीं, दूसरी ओर स्वास्थ्य अधिकारी चादरों की नियमित स्वच्छता की परख भी सकेंगे।
आमतौर पर सरकारी अस्पतालों के वार्डों में मरीजों को भर्ती के लिए बेड तो मिल जाते हैं, मगर इस बात की गारंटी नहीं होती कि उसमें बिछने वाली चादर साफ हैं। यही नहीं एक मरीज जो पहले किसी बेड पर भर्ती हो चुका होता है, दूसरे मरीज के आने पर बिना चादर बदले अन्य मरीज को शिफ्ट कर दिया जाता है। यही वजह है कि ज्यादातर मरीज या उनके परिजन भर्ती होने की दशा में घर से ही चादर-कंबल लेकर आते हैं। नियमानुसार बेड के चादरों की हर दिन सफाई होनी चाहिए, पर ऐसा नहीं हो रहा है। इससे मरीजों को इंफेक्शन का खतरा बना रहता है। इन्हीं सब बातों के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने अब जिला अस्पताल स्तर पर बेड पर बिछाई जाने वाली चादरों का कलर कोड लागू किया है। जिला अस्पताल में जल्द इसकी शुरुआत होने वाली है।
किस दिन कौन से कलर की चादर बिछेगी, तय
संयुक्त जिला चिकित्सालय के इमरजेंसी वार्ड समेत जनरल वार्ड, सर्जिकल वार्ड, पीआईसीयू वार्ड, लेबर रूम वार्ड, एनआरसी वार्ड, ओटी वार्ड में बेड के हिसाब से चादर मंगाई जा चुकी हैं। अभी तक सफेद रंग की चादर ही इस्तेमाल में आती थी। दिन के हिसाब से चादर का रंग तय कर दिया गया है। रविवार व सोमवार को सफेद, मंगलवार को लाल, बुधवार को हरा, गुरुवार को पीला, शुक्रवार को गुलाबी, शनिवार को नीले रंग का इस्तेमाल होगा।
आकर्षण का केंद्र बनेंगीं चादरें
अक्सर जिला अस्पताल आने वाले मरीज या उनके तीमारदारों को प्राय: बेडों पर सिर्फ सफेद रंग की ही चादर दिखाई देते रहे। अब यहां आने वालों को हर दिन अलग-अलग रंगों की चादर बिछी हुई मिलेंगी, जो आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
शासन के निर्देश पर हर दिन के लिए तय रंगों के हिसाब से वार्डों में बेड पर चादर की उपलब्धता कराते हुए उसके प्रयोग के लिए संबंधित को सख्त हिदायत दी गई है। इसके बाद भी चादर की कमी पर दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. रोचस्मति पांडेय, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक