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मौसम की बेरुखी से किसान चिंतित

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कोहरा गिरने में हो रही देरी से गेहूं और मंसूर की फसल हो रही प्रभावित
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जिले में एक लाख 59 हेक्टेयर में की गई है गेहूं की खेती

अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। पौष मास में 13 दिन बीत जाने के बाद बाद भी कोहरा न पड़ने से गेहूं और मसूर बोने वाले किसान चिंतित हैं। कारण कि खेतों में नमी कम हो रही है, यह फसलों के विकास के लिए हानिप्रद है। ऐसे में खेतों में नमी बनाए रखने के लिए किसानों को अतिरिक्त सिंचाई करनी पड़ेगी।
जिले की तकरीबन 85 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर है। कृषि विभाग की माने तो जिले में एक लाख 65 हजार हेक्टेयर भूमि पर फसलों की बुवाई हुई है। इसमें एक लाख 59 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की बुवाई की गई है, जबकि छह हजार हेक्टेयर भूमि पर सरसों, मसूर, मटर, अरहर, आलू सहित अन्य फसलें बोई गईं हैं।
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मौसम उम्मीदों पर फेर रहा पानी
शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के जोखवलिया गांव निवासी किसान जोखू चौधरी, बरैनिया गांव निवासी हसनरजा, धनगढिय़ा निवासी संतराम पासवान, जोखवलिया गांव निवासी छांगुर चौहान बताते हैं गेहूं व मसूर की फसल के लिए शीत काफी उपयोगी है। कोहरा पड़ने पर गेहूं का विकास होता है। मगर इस वर्ष दिसंबर माह बीत गया, लेकिन अभी तक ठंड सही तरीके नहीं पड़ी है। मौसम की बेरुखी से पड़ने से नमी तेजी से खत्म हो रहा है। मौसम में अगर जल्द परिवर्तन नहीं हुआ तो फसलों पर बुरा असर पड़ेगा।




फसल में नमी के लिए करनी होगी सिंचाई
कृषि वैज्ञानिक डॉ मार्कंडेय सिंह ने बताया कि गेहूं की फसल के लिए जो नमी की आवश्यकता होगी है। जो वर्तमान में नहीं है। ऐसे में किसान फसल की बेहतरी और नमी बनाए रखने के लिए सिंचाई कर दें। जिन्होंने करीब एक माह पूर्व सिंचाई की थी, वे अब दोबारा सिंचाई कर लें। ऐसा न करने पर पैदावार बेहद कम होगी।

2017 में 12 दिसंबर को पड़ गया था कोहरा
कृषि वैज्ञानिक डॉ मार्कंडेय सिंह ने बताया कि किसानों के अनुसार, 2017 में 12 दिसंबर से कड़ाके की ठंड के साथ कोहरा पड़ने लगा था। इससे मौसम गेहूं की फसल के अनुकूल हो गया था। अब तक फसल के अनुकूल मौसम नहीं हुआ है। यही हाल रह गया तो फसल ज्यादा प्रभावित होगी।
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दो से तीन दिनों में होगा मौसम में बदलाव
मौसम विज्ञानी डॉ. पद्माकर त्रिपाठी ने बताया कि पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ के कारण तापमान दो से तीन दिनों में गिरेगा। इससे मौसम में भी बदलाव होगा इस बार बर्फबारी देर से शुरू हुई है। इस कारण अब तक ठीक से कोहरा नहीं हुआ है।
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