इटवा (सिद्धार्थनगर)। स्वच्छता अभियान का भनवापुर व इटवा ब्लाक क्षेत्र के प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों मे कोई असर नहीं है। यहां के शौचालयों की स्थिति दयनीय है। अधिकतर विद्यालयों के शौचालयों में गंदगी के कारण ताला लगा रहता है। शौचमुक्त अभियान को जिम्मेदार पलीता लगा रहे हैं।
प्राथमिक विद्यालय दलपतपुर डेगहर, परसोहन, देवीपुर, गौरा, बडहरी, मधवापुर, नावडीह, गदाखौवा, बुढढ़ीखास, छगडिहवा, पूर्व माध्यमिक विद्यालय बुड्ढीखास सभी के शौचालयों की स्थिति बेहद खराब है। छगड़िहवा व नावडीह के शौचालयों की हालत यह है कि इनका इस्तेमाल तो दूर उधर से गुजरना संभव नहीं है। इन शौचालयों में जलापूर्ति की व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है। कहीं-कहीं शौचालयों में कूड़े के साथ ईंट के टुकड़े व पत्थर पड़े हुए हैं। प्राथमिक विद्यालय दलपतपुर के शौचालय में अभी तक सीट ही नहीं लगा है। वहीं, दूसरी तरफ प्राथमिक विद्यालय मधवापुर में शौचालय अर्धनिर्मित अवस्था में पड़ा हुआ है। यहां पढ़ रहे बच्चों का कहना है कि मास्टर साहब शौचालय का प्रयोग यह कहकर नहीं करने देते है कि गंदा हो जाएगा तो साफ कौन करेगा। जहां ताला नहीं बंद है, वहां कभी सफाई नहीं होती है। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी भनवापुर चंद्र भूषण पांडेय का कहना है कि विद्यालय के बंद शौचालयों को खुलवाने व उसकी साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए ऐसे विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया जाएगा।