सिद्धार्थनगर। नेपाल में निकाय चुनाव को लेकर भारतीय सीमा पूरी तरह सील कर दी गई है। 68 किमी के दायरे में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा कर्मी तैनात हैं। वाहन तो दूर पैदल आवागमन भी रोक दिया गया है। दोनों तरफ सैकड़ों लोग फंसे हुए हैं, जिन्हें विभिन्न कार्यों से सीमा पार करना है। आवागमन ठप होने से सीमावर्ती कस्बों की रौनक भी गुम हो गई है। कस्बों में सन्नाटा पसरा हुआ है। बुधवार को निकाय चुनाव खत्म होने के बाद 29 जून को सुबह से आवागमन शुरू किया जाएगा।
करीब दो दशक बाद नेपाल में निकाय चुनाव होने जा रहे हैं। संविधान संशोधन की मांग पर अड़े तराई क्षेत्र के कई संगठन चुनाव का विरोध कर रहे हैं। सकुशल व निर्विघ्न चुनाव कराने के लिए नेपाल का सुरक्षा तंत्र चौकस है तो भारतीय सीमा पर भी अलर्ट घोषित है। खुली सीमा के रास्ते अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश रोकने के लिए सोमवार को ही बॉर्डर सील कर दिया गया है। पैदल आवागमन भी पूरी तरह प्रतिबंधित है। यहां तक कि दवा-उपचार जैसे जरूरी कार्यों के लिए लोग सीमा पार नहीं कर पा रहे। जिले से लगती नेपाल की 68 किमी सीमा पर इसका व्यापक असर देखा जा रहा है। बार्डर पर स्थित ककरहवा, अलीगढ़वा, खुनुवां, बढ़नी कस्बों में सन्नाटा पसरा हुआ है। इन कस्बों का व्यापार काफी हद तक नेपाल से आने वाले खरीदारों पर निर्भर है, मगर पिछले दो दिनों से सीमा सील होने के चलते दुकानों पर ग्राहक नहीं हैं। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबल मुस्तैद हैं। आवागमन बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को है, जिन्हें दवा-उपचार, विवाह जैसे कार्यक्रमों के लिए बार्डर पार करना है। बताते हैं कि ऐसे सैकड़ों लोग बॉर्डर के दोनों तरफ फंसे हुए हैं। एसपी सत्येंद्र कुमार के मुताबिक सुरक्षा के मद्देनजर सीमा सील किया गया है। 28 जून को मतदान खत्म होने के बाद ही बार्डर खोला जाएगा। गुरुवार की सुबह से आवागमन सामान्य हो जाएगा।