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गंदगी से पटे नाले, कागजों में हो गई सफाई

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सिद्धार्थनगर। शहर के प्रमुख नाले भले ही अब तक गंदगी से पटे हुए हों, मगर नगर पालिका के रिकार्ड में नालों की मुकम्मल सफाई हो चुकी है। बारिश के दौरान जलभराव न होने देने के लिए पालिका प्रशासन ने सभी नालों को साफ-सुथरा कर दिया है। दो दिन पहले विकास कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान नगर पालिका की ओर से यही जानकारी दी है। हालांकि वास्तविक स्थिति इससे ठीक उलट है। प्रमुख नाले गंदगी से पटे हुए हैं। कूड़ा-कचरा के चलते इनसे जलनिकासी अवरुद्ध है। कागजी तैयारियों से साफ जाहिर है कि इस बार भी बारिश में नगर के कई इलाके फिर से जलभराव के संकट से जूझेंगे।
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नगर पालिका क्षेत्र में जलनिकासी के लिए कुल 21 नाले स्थित हैं। इनकी लंबाई 3000 मीटर है। मानसून से पहले हर वर्ष नालों की सफाई का प्रावधान है, जिससे बारिश के दौरान कहीं भी जलभराव की नौबत न आए। वर्षों से सफाई का खेल कागजों में चलता आ रहा है। सिर्फ कागजों में ही नालों की सफाई के चलते हर वर्ष मानसून आते ही कई इलाके जलमग्न हो जाते हैं। कई दिनों तक रास्तों-मोहल्लों में पानी लगा रहता है। पिछले वर्ष भी यही हालात थे। गत सप्ताह हुई हल्की बारिश में ही खजुरिया रोड, पीडब्लूडी कॉलोनी सहित कई मोहल्लों में पानी लग गया था। हल्की बरसात में ही इस आलम को देखकर संबंधित क्षेत्रों के लोग मानसून की कल्पना कर सहम गए हैं। नगर पालिका प्रशासन के दावों ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है। पालिका प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि नगर क्षेत्र के सभी 21 नालों की वर्षा ऋतु से पूर्व साफ-सफाई करा दी गई है। जलनिकासी के मुकम्मल इंतजाम हैं। इससे इतर उसका रोड, खजुरिया रोड, सोहांस रोड, जमुआर नाला, सीडीओ आवास के समीप स्थित नाले अभी भी गंदगी से पटे हुए हैं। इस बाबत नगर पालिका के ईओ राजीव रंजन सिंह की दलील थी कि नालों की सफाई एक बार कराई जा चुकी है। अब फिर से सफाई कराई जा रही है। बारिश में कहीं भी पानी नहीं लगने दिया जाएगा।
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