देर से दफ्तर आने वाले कर्मचारियों पर नकेल कसने के लिए मंगलवार को जिलाधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार ने कलेक्ट्रेट और ट्रेजरी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। जिलाधिकारी सुबह 10.35 बजे पहुंचे।
इस टाइम पर भी 15 कर्मचारी उपस्थित नहीं पाए गए। सभी का वेतन रोकते हुए डीएम ने कारण बताओ नोटिस जारी की है। जिले के अन्य विभागों के कर्मचारियों को भी समय से कार्यालय पहुंचने की हिदायत दी गई है।
सरकारी कार्यालयों से कर्मचारियों की अनुपस्थिति की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही है। मनमौजी कर्मचारी सुबह देर से दफ्तर पहुंचते हैं और शाम को 4 बजने तक घर की राह पकड़ लेते हैं।
शिकायतों की हकीकत जानने मंगलवार को जिलाधिकारी सुबह साढ़े 10 बजे कलेक्ट्रेट के कार्यालयों का निरीक्षण करने निकल पड़े। सभी दफ्तरों में जाकर उपस्थिति पंजिका जांची।
पास के ही ट्रेजरी कार्यालय में भी उपस्थिति रजिस्टर चेक किया। इस दौरान कुल 15 कर्मचारी नदारद मिले। न तो वह आफिस पहुंचे थे और न ही उनकी ओर से कोई सूचना दी गई थी। करीब 10 मिनट तक डीएम इन कार्यालयों में घूमते रहे। अनुपस्थित कर्मचारियों का कोई पता नहीं चला।
इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए सभी अनुपस्थित कर्मचारियों का वेतन रोककर कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। डीएम डॉ. सुरेंद्र कुमार ने बताया कि कलेक्ट्रेट और ट्रेजरी कार्यालय के औचक निरीक्षण में 15 कर्मचारी अनुपस्थित मिले थे, जिनका वेतन रोक दिया गया है। उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। ठोस जवाब न मिलने पर कड़ी कार्रवाई होगी।