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धारदार हथियार के निशान नहीं, गर्दन की एक हड्डी गायब

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सिद्धार्थनगर। बांसी कोतवाली क्षेत्र के कोल्हुई लोधपुरवा गांव में संदिग्ध हाल में हुई प्रेमचंद की मौत पहेली बन चुकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर गौर करें तो शरीर पर किसी भी धारदार हथियार से हमले के निशान नहीं मिले हैं। गर्दन के पास की एक हड्डी गायब है। छानबीन के दौरान पुलिस को मौके से एक जानवर के पैरों के निशान भी मिले हैं। इस लिहाज से जानवर के हमले से मौत का दावा पुख्ता हो रहा है। हालांकि रविवार को घरवालों ने प्रेमचंद का मोबाइल फोन गायब होने की बात कह मामले को उलझा दिया है। पुलिस अब कॉल डिटेल के आधार पर घटना की तह तक पहुंचने में जुट गई है।
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क्षेत्र के कोल्हुई लोधपुरवा गांव निवासी सुग्रीव का पुत्र प्रेमचंद (22) का शनिवार की सुबह खेत में लहूलुहान शव मिला था। उसके गर्दन पर गहरा जख्म और कलाइयों पर चोट के निशान थे। शुक्रवार की रात वह खेत की रखवाली के लिए वहां बनी झोपड़ी में सो गया था। घटनास्थल से पुलिस को कोई खास सुराग नहीं मिला था। घर वालों ने भी किसी रंजिश से इनकार किया था। प्रथम दृष्टया मामला किसी जानवर के हमले का माना जा रहा था। रविवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने भी इन दावों को पुख्ता किया। रिपोर्ट में मृतक के शरीर व गर्दन पर धारदार हथियार से हमले का कोई निशान नहीं मिला है। गर्दन को नोचा गया था और पिछले हिस्से की एक हड्डी गायब थी। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस इसे किसी जानवर का हमला मान रही है। पुलिस किसी निष्कर्ष तक पहुंचती इससे पहले ही परिजनों ने मृतक का मोबाइल फोन भी गायब होने की बात कह परेशानी बढ़ा दी है। अगर किसी जानवर ने हमला किया तो मोबाइल फोन कैसे गायब हो गया, यह सवाल पहेली बन गया है। इस संबंध में सीओ महिपाल पाठक ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। वहीं, बांसी कोतवाली प्रभारी डीके श्रीवास्तव ने बताया कि पोस्टमार्टम में किसी प्रकार के हथियार से हमले की पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्ट और घटना स्थल पर जानवर के पैर के निशान मिले हैं। यह निशान किस जानवर के हैं, परीक्षण किया जा रहा है। कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है।

सिर्फ मारकर क्यों चला गया जानवर
पुलिसिया दावों पर यकीन करें तो प्रेमचंद की मौत जानवर के हमले से हुई थी। सवाल यह है कि अगर जानवर ने हमला किया था तो मांस को खाए बगैर क्यों चला गया। आम तौर पर जानवर अपने शिकार को मारने के बाद शरीर का कुछ मांस जरूर खाते हैं, लेकिन प्रेमचंद के मामले में स्थिति अलग है। गर्दन को नोचने का निशान है, लेकिन अन्य शरीर सही सलामत है। गर्दन से भी सिर्फ 50 ग्राम मांस गायब होने की बात पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई है। ऐसे में पुलिस के लिए मौत की गुत्थी सुलझाना चुनौती बनी हुई है।
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