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दो विधायक, मंत्री ने निगम को नहीं दी हैंडपंपों की सूची

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खराब हैंडपंप
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सिद्धार्थनगर। जिले के दो विधायकाें और कैबिनेट मंत्री ने जलनिगम को हैंडपंपों की सूची उपलब्ध नहीं कराई है। इस कारण जिन 500 हैंडपंपों को दिसंबर तक लगा दिया जाना था, उनके लगने की प्रक्रिया अब तक शुरू ही नहीं हो सकी है। वहीं शासन द्वारा हैंडपंप लगाए जाने के लिए निर्देशित किया जा रहा है। 
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायकों को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों 100 हैंडपंप लगाने की स्वीकृति दी थी। इसके तहत वर्ष 2018 में जिले के पांचों विधानसभा क्षेत्रों में 500 हैंडपंप लगाए जाने थे। इस संबंध में जलनिगम ने पांचों विधायकों से हैंडपंप लगवाए जाने के संबंध में सूची मांगी थी। अब तक डुमरियागंज विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह और इटवा विधायक डॉ. सतीश द्विवेदी ने ही निगम को सूची उपलब्ध कराई है। कपिलवस्तु, शोहरतगढ़ और बांसी विधायक और कैबिनेट मंत्री ने अब तक जलनिगम को सूची उपलब्ध नहीं कराई है। इस कारण अब तक किसी भी विधानसभा क्षेत्र में एक भी हैंडपंप नहीं लगे हैं। जबकि इन्हें दिसंबर तक लगा दिया जाना था। शासन द्वारा पूछे जाने पर पर डीएम ने अधिशाषी अभियंता विजय कुमार यादव पर नाराजगी जताते हुए जल्द से जल्द सूची उपलब्ध कराने को कहा है। अधिशाषी अभियंता ने बताया कि अब तक तीन विधायकों ने सूची उपलब्ध नहीं कराई है। इसकी वजह से जिले में हैंडपंप नहीं लग पा रहा है। यह सूची सितंबर तक उपलब्ध कराई जानी थी और दिसंबर तक हैंडपंप लगाए जाने थे। सूची उपलब्ध होते ही हैंडपंप लगाने का काम शुरू हो जाएगा।

 कपिलवस्तु विधायक श्याम धनी राही और शोहरतगढ़ विधायक चौधरी अमर सिंह ने कहा कि निगम अभी तक 2017 का ही हैंडपंप नहीं लगवा सका है। इसकी वजह से अब तक सूची नहीं उपलब्ध कराई गई है। वहीं कैबिनेट मंत्री और बांसी विधायक से संपर्क नहीं हो सका।  जल्द ही शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र की सूची उपलब्ध करा दी जाएगी।
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पेयजल पर है सरकार का विशेष जोर
सीएम का स्वच्छता और पेयजल पर विशेष जोर है। यही वजह है कि उन्होंने सरकार बनने के बाद ही विधायकों को हैंडपंप लगाने की स्वीकृति दे दी, जिससे की जिले की जनता को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके। लेकिन जिले के जनप्रतिनिधियों को इस बात जरा सी भी परवाह नहीं है। जबकि 27 लाख की आबादी के सापेक्ष जिले में 27 हजार इंडिया मार्का-टू हैंडपंप हैं।
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