जिला कारागार में सीसीटीवी कैमरे से निगरानी करते जेलर।
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सिद्धार्थनगर। बागपत जेल में हुए माफिया मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद जिला कारागार में सतर्कता और बढ़ा दी गई है। कारागार की निगरानी के लिए 30 संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए हैं। इसके जरिए जेल अधीक्षक अपने कक्ष में बैठे-बैठे पूरे जेल की गतिविधियों पर नजर रख सकेंगे। इस दौरान कोई संदिग्ध गतिविधि अगर होती है तो सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से कार्रवाई की जाएगी।
नेपाल सीमा से महज 25 किलो मीटर के दायरे में बना जिला कारागार बेहद संवेदनशील है। यहां कई नेपाली सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों के कुख्यात बंद हैं। कागारार में इस समय 600 से अधिक बंदी व कैदी हैं। इनमें अधिकांश बाहर के जेलों से आए है। हाल ही में बागपत जेल में पूर्वांचल के कुख्यात माफिया मुन्ना बजरंगी की जेल के अंदर बैरक में गोली मारकर हत्या कर देने की घटना ने जेल प्रशासन की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दोबारा ऐसी घटना न हो लिहाजा जेलों में सतर्कता बढ़ा दी गई। कुख्यातों पर विशेष नजर रखने के लिए निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा के तहत जिला कारागार को सीसीटीवी कैमरे से लैस कर दिया गया है। कारागार के 30 ऐसे जगह पर कैमरे लगाए गए हैं, जो बेहद संवेदनशील माने जाते हैे। सभी जगहों पर सीसीटीवी कैमरा एक्टिव कर दिया गया है। निगरानी जेल अधीक्षक स्वयं करेंगे। इस संबंध मेें जेल अधीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि 30 सीसीटीवी कैमरे एक्टिव किए गए हैं। कैमरे के माध्यम से पूरे जेल में एक साथ नजर रखी जा रही है।
विवाद करने वालों पर बाद में भी होगी कार्रवाई
जेल में सीसीटीवी कैमरा लगने से अराजकता फैलाने की कोशिश करेंगे तो सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से उन पर बाद में शिकंजा कसा जाएगा और कार्रवाई होगी।
जेल अधीक्षक के कक्ष से हो रही निगरानी
30 सवंदेनशील स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे को जेल अधीक्षक के ऑफिस से अटैच किया गया है। ऑफिस में बैठे-बैठे जेल अधीक्षक हर जगह नजर रख सकेंगे।