सिद्धार्थनगर। स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत सरकार ‘इज्जत घर’(शौचालय) के निर्माण पर जोर दे रही है। डीएम से लेकर सीडीओ को इसका जिम्मा सौंपा गया है। इसके बाद भी अब तक जिले के करीब 34 हजार परिवारों को ‘इज्जत घर’ का इंतजार है। यह आंकड़े पंचायती राज विभाग के हैं। ऐसे में दो अक्टूबर तक 2018 तक जिला ओडीएफ मुक्त कैसे होगा।
विकास भवन के आंबेडकर सभागार में बुधवार को स्वच्छ भारत मिशन के तहत वित्तीय वर्ष 2016-17, 2017-18 व 2018-19 अंतर्गत निर्गत शौचालयों के निर्माण की समीक्षा की गई। इसके अनुसार, निर्गत 1,11,156 में से अब तक 33,861 इज्जत घर पूरे नहीं हो सके हैं। इसे लेकर मुख्य विकास अधिकारी हर्षिता माथुर ने ग्राम पंचायत वार रिपोर्ट देखी। यही नहीं एमआईएस फीडिंग, फोटो अपलोड के मामले में भी स्थिति ठीक न पाए जाने पर संबंधित सचिवों पर फटकार लगाई। एक सप्ताह में बेहतर प्रगति न होने पर दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा। इससे पूर्व जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक अमित श्रीवास्तव व संजय तिवारी समेत सभी सेक्रेट्री मौजूद रहे।