मंगलवार रात गठबंधन के प्रत्याशी को इटवा थाने में बैठाया गया।
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सिद्धार्थनगर। सपा-बसपा गठबंधन के लोकसभा प्रत्याशी आफताब आलम ने इटवा पुलिस पर बेवजह डेढ़ घंटे तक बैठाए रखने का आरोप लगाया। बुधवार को पोखर बिटवा स्थित अपने केंद्रीय कार्यालय पर प्रेस कांफ्रेंस कर उन्होंने यह जानकारी दी। कहा कि पुलिस प्रशासन ने साजिश के तहत ऐसा किया है।
उन्होंने कहा कि इटवा विधानसभा क्षेत्र के खम्हरिया गांव में मंगलवार को चुनाव के प्रचार-प्रसार में गए थे। इस बीच इटवा पुलिस वहां पहुंची और भेदभाव पूर्ण तरीके से बात करते हुए थाने लेकर चली आई। थाने पर बैठाने का कारण पूछा गया तो इटवा सीओ और एसओ कुछ भी बताने से इन्कार कर दिया गया। डीएम और एसपी से वार्ता की गई, लेकिन प्रशासन मेरी बात सुनने को तैयार नहीं था। जानबूझकर इटवा थाना पुलिस ने मामले में बिना किसी वजह के आचार संहिता के उल्लंघन का केस दर्ज कर लिया। अगर प्रशासन का रवैया नहीं सुधरता है तो 10 मई को जनता के साथ सड़क पर भी उतर कर प्रदर्शन करेंगे।
आचार संहिता के उल्लंघन का केस
इटवा पुलिस के मुताबिक सात मई की रात बसपा के लोकसभा डुमरियागंज के प्रत्याशी आफताब आलम उर्फ गुड्डू का इटवा थाना क्षेत्र के खम्हरिया गांव में चुनावी प्रचार-प्रसार की सूचना पर एसडीएम इटवा त्रिभुवन कुमार व सीओ श्रीयश त्रिपाठी, एसओ अवध नरायन यादव व एफएसटी टीम के साथ मौके जाकर रात 11.30 बजे चेकिंग की। जांच में पाया गया कि बसपा प्रत्याशी के पांच वाहन साथ चल रहे थे। जबकि तीन वाहनों की अनुमति थी। दो वाहनों को अवैध पाए जाने पर सीज कर दिया गया। यही नहीं बसपा प्रत्याशी 11.30 बजे जनसभा करते पाए गए। मामले में आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में केस दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में अब तक गठबंधन प्रत्याशी पर पांच केस दर्ज हो चुके हैै।
एसपी बोले, नियम के तहत हुई है कार्रवाई
एसपी डॉ. धर्मबीर सिंह ने बताया कि पुलिस की ओर से कोई भेदभाव पूर्ण काम नहीं किया गया है। जो आरोप लगाए जा रहे हैं वह गलत है। रही बात थाने में बैठा लेने की तो यह गलत है। वाहनों की जांच के समय वह थाने पर बैठे थे। पूरे मामले की वीडियोग्रॉफी भी कार्रवाई गई है।
डीएम बोले, वार्ता हुई थी
डीएम कुणाल सिल्कू ने कहा कि रात में गठबंधन प्रत्याशी आफताब आलम से वार्ता हुई थी। वार्ता के बाद सीओ और एसडीएम को मौके पर भेजा गया था। प्रत्याशी पर आरोप था कि रात 10 बजे के बाद जोर शोर से प्रचार कर रहे थे। जबकि दस बजे के बाद इस पर रोक है। मामले की वीडियोग्राफी भी कराई गई है।