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नौ किलोमीटर लंबी मानव शृंखला में गूंजा वोट दो -वोट दो का नारा

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वायस रिले कार्यक्रम में प्रतिभाग करते बच्चे रिले कार्यक्रम में प्रतिभाग करते बच्चे - फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। लक्ष्य है शतप्रतिशत मतदान। इसके लिए हम हर प्रयास करेंगे। इसी सकारात्मक उद्देश्य को लेकर लोकतंत्र के महापर्व में मतदान का महत्व समझाने के लिए स्वीप कार्यक्रम के तहत मंगलवार को वायस रिले कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में नेपाल सीमा के अलीगढ़वा से बर्डपुर तक नौ किलोमीटर लंबी मानव शृंखला बनाई गई। 19 स्कूलों 6000 बच्चों समेत 7000 लोगों ने कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में वोट दो-वोट दो के नारे गूंजते रहे। सुबह साढ़े नौ बजे सिद्धार्थ विवि के कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे और डीएम कुणाल सिल्कू कार्यक्रम संबंधी रथ व अन्य वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कार्यक्रम में इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड की तरफ से जजेज पैनल में शामिल राकेश कुमार वर्मा ने भी प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के बाद उन्होंने डीएम को प्रमाण पत्र व मेडल प्रदान किया। इसके साथ ही रिकॉर्ड में दर्ज करने के लिए प्रस्ताव भी भेजा।
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ये रहे मौजूद : कार्यक्रम में सामान्य प्रेक्षक पीआर कतरोलिया, पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी हर्षिता माथुर, आकांक्षा समिति की अध्यक्ष डॉ. अंकिता सहाय, अपर जिलाधिकारी सीताराम गुप्ता, अपर पुलिस अधीक्षक मायाराम वर्मा, उपजिलाधिकारी सदर उमेश चन्द्र निगम, सीएमओ डॉ. आरके मिश्र, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. सौरभ चतुर्वेदी, डीसीएनआरएलएम राम आसरे सिंह, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आशुतोष पांडेय, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सुबोध चन्द्रा आदि की उपस्थिति रही।

डीआईओएस, डीपीआरओ और बीएसए ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका : जिला विद्यालय निरीक्षक अवधेश नारायन मौर्य द्वारा विभिन्न स्कूलों से बेहतर समन्वय स्थापित कर 6000 से अधिक छात्रों को प्रतिभाग कराया। जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल सिंह एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राम सिंह द्वारा अपने-अपने विभाग के कार्मियों को बेहतर ढंग से तैनात कर कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई।
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पांच घंटे बंद रहा वाहनों का आवागमन : इस रिले कार्यक्रम के मद्देनजर भारत-नेपाल सीमा पर स्थित अलीगढ़वा बार्डर से आने-जाने वालों पर पैनी नजर रही। लगभग पांच घंटे तक दोनों देशों की ओर से छोटे वाहनों का आवागमन पूर्ण से बंद किया गया था। सुबह 7.30 बजे से बंद आवागमन 12 बजे जाकर बहाल हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों को गंतव्य पहुंचने में दिक्कतें हुई।

वायरलेस से हुआ संवाद
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित अलीगढ़वा में बीएसएनएल समेत लगभग सभी संचार सेवाएं ध्वस्त रही। लगभग चार घंटे तक उपभोक्ता समेत अफसर भी एक-दूसरे से संवाद बनाने में विफल रहे। ऐसे में कार्यक्रम में जगह-जगह अफसरों, कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। उनसे संवाद स्थापित करने के लिए वायरलेस सेट का सहारा लेना पड़ा। ।

सेल्फी लेने की रही धूम
कार्यक्रम में शामिल अफसर, शिक्षक व बच्चों में जगह-जगह सेल्फी लेने की होड़ लगी रही। भारत-नेपाल सीमा पर नोमेंस लैंड पर सेल्फी लेने की चाहत कुछ अधिक ही देखी गई। स्कूली बच्चों के साथ ही आसपास के ग्रामीणों ने भी सेल्फी लेने से नहीं चूके।

कड़ी धूप में पानी को तरसे बच्चे
कार्यक्रम के लिए स्कूली बच्चों को सुबह 7 बजे ही बुला लिया गया। उनके लिए कुर्सियों का भी इंतजाम किया गया था, पर कार्यक्रम 9.30 बजे से शुरू होने के कारण कड़ी धूप में बच्चों को परेशान होना पड़ा। यही नहीं पानी का भी पर्याप्त इंतजाम नहीं था। ऐसे में बच्चे छांव व पानी के लिए परेशान दिखे। बात की चर्चा ने और जोर पकड़ा, जब अधिकारी गाड़ी से घूमकर कार्यक्रम की समीक्षा करते दिखे।
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