डुमरियागंज। सहालग में सीजन में बैंक मददगार नहीं बन पा रहे हैं। लोग अपनी ही गाढ़ी कमाई न मिल पाने से परेशान हैं। हाल यह कई बैंकों में कर्मी बड़ी रकम के भुगतान करने से मना कर रहे हैं। दूसरी ओर एसबीआई की भवानीगंज शाखा में 12 दिनों से रुपयों का भुगतान नहीं हो पा रहा है।
भवानीगंज एसबीआई शाखा का एटीएम कैश न होने से बंद है। ग्राहक सेवा केंद्रों से भी नकदी गायब है। बैंक से रुपये निकालने की मंशा पाले उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। जहां छोटा भुगतान हो भी रहा है वहां रकम रेजगारी की शक्ल में दी जा रही है। बैंकों ने नो कैश का बोर्ड टांग रखा है। ग्राम सेखुई ताज निवासी सलाहुद्दीन, धौरहरा निवासी सेवर, जलालपुर निवासी चांदमती, राजा फार्म निवासी सहरून्निशां, बायताल निवासी मिट्ठू, गुड्डू वर्मा, अजय, दिलीप शुक्ला, लवकुश, राजेश द्विवेदी, राजाराम आदि ने कहा कि भवानीगंज एसबीआई में एक पखवारे से कैश की समस्या है।
इस संबंध में भवानीगंज एसबीआई भवानीगंज के मैनेजर तरुण सिंह ने बताया कि चेस्ट से बैंक में रकम नहीं आ पा रही है। यह समस्या 12 दिनों से है। शाखा में जितना रुपया जमा होता है, उसे ही ग्राहकों को थोड़ा-थोड़ा कर भुगतान किया जा रहा है।
बेटी की शादी सिर पर, नहीं मिल रहा धन
मंगलवार को बैंक से रुपये निकालने आई ग्राम जंगलीपुर निवासी अनीता ने कहा कि पुत्री की शादी 7 मई को है। तैयारी के लिए सामान खरीदना है। 20 हजार रुपये निकालने आई थी, लेकिन मैनेजर ने बैंक में रुपया नहीं होने की बात कही जा रही है। इसी तरह नजीब निशा ने भी बेटी की शादी के लिए बैंक से रुपया न निकलने पर अपनी परेशानी बयां की। इतना ही नहीं बैंक पर जो लोग अपने रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए 4 से 5 हजार निकालने आए, उन्हें एक या दो हजार की रेजगारी दी गई। जिस पर लोगों ने कहा कि बाजार में लोग सिक्का लेने से भी कतरा रहे हैं।
एचडीएफसी एटीएम के भरोसे ग्राहक
डुमरियागंज एचसडीएफसी बैंक की शाखा से व एटीएम रोजाना कैश मिल रहा है। बैंक से बैंक मैनेजर सईद अहमद ने बताया कि उनके बैंक का एटीएम लगातार चल रहा है।
पथरा में भी कैश की किल्लत
पथरा। स्थानीय एसबीआई की शाखा में भी पिछले कई दिनों से कैश की किल्लत बनी हुई है। शाखा प्रबंधक संजीव त्रिपाठी ने बताया कि धनराशि बैंक में नहीं आ रही है। जमा होने वाली राशि से किसी तरह से काम चलाया जा रहा है। जब तक चेस्ट से भरपूर धनराशि उपलब्ध नहीं होगी तब तक समस्या का पूर्ण रूप से समाधान संभव नहीं है । धर्मपुरवा की मजीबुन्निशा ने बताया कि एक सप्ताह बाद घर में शादी है। पैैसे न मिलने से कोई तैयारी नहीं हो पा रही। सुमहा की रीता ने बताया कि उनका मकान निर्माणाधीन है। पैसा न मिलने से काम रुक गया है। रामभारी की तमीरुन्किनशा, डड़वा भैया की सूरजमुखी, सिसई की रहने वाली गीता ने बताया कि उनके घर भी शादी है, लेकिन रकम न मिलने से दिक्कत हो रही है।