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स्वाइन फ्लू से महिला की मौत

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डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर)। स्वाइन फ्लू ने जिले में दस्तक दे दी है। विभिन्न क्षेत्रों में तीन मामले सामने आए हैं। इनमें भनवापुर ब्लॉक के पिकौरा गांव की एक पीड़ित महिला की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई है। इस गांव में कई लोग अभी भी बुखार से पीड़ित हैं। सूचना के बाद स्वास्थ्य महकमे में खलबली मच गई है। हालांकि सीएमओ ने दावा किया है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है। गांवों में स्वास्थ्य टीम भेजी गई है। उधर, उसका की एक दंपती में भी स्वाइन फ्लू की पुष्टि की सूचना है। दोनों का पीजीआई में इलाज चल रहा है।
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बाढ़ का पानी कम होने के बाद बीमारियां तेजी से पांव पसार रही हैं। भनवापुर ब्लॉक के पिकौरा गांव निवासी अख्तर आलम की पत्नी नूरजहां (45) को एक सप्ताह पहले बुखार हो गया था। स्थानीय स्तर पर उपचार के बाद सुधार न होने पर उसे बेंवा सीएचसी से लखनऊ रेफर कर दिया गया था। उपचार के दौरान बुधवार रात में नूरजहां की मौत हो गई। मेडिकल रिपोर्ट में महिला में स्वाइन फ्लू पॉजीटिव आया है। सूचना के बाद गांव के लोग दहशत में आ गए हैं। इसके पूर्व 23 अगस्त को इसी गांव के ही विनोद की बुखार से पीड़ित पुत्री प्रीति (4) का बस्ती जिला अस्पताल में मौत हो गई थी। जगदंबा के तीन वर्षीय पुत्री शिवानी का बस्ती में इलाज चल रहा है। वह 15 दिनों से बुखार से पीड़ित है। इनके अलावा सुफियान मलिक (4), नौशाद (9), खुश्बू मलिक (8), साहिल (2), शाकिब (4), शाहजहां (25), आयश (24), फेरई (75), संतोष (27), सुनैना (3), अक्षय (5), संस्कार (1) शिवांगी (1), आशीष (8), रंजीत (12) सहित करीब पांच दर्जन लोग संक्रामक बीमारियों से पीड़ित हैं। स्वाइन फ्लू से नूरजहां की मौत की सूचना के बाद भनवापुर पीएचसी प्रभारी डॉ. शैलेंद्रमणि ओझा स्वास्थ्य टीम के साथ शुक्रवार को गांव में पहुंचे। कैंप लगाकर लोगों की जांच कर दवाइयां दीं। डॉ. ओझा ने बताया कि गांव के लोगों को हल्के बुखार, खांसी आदि की दवा दी गई है। गांव में गंदगी का अंबार है। सूअर बाड़े को गांव से बाहर करने का निर्देश दिया गया है। ग्रामीणों को नल में क्लोरीन की गोली, ब्लीचिंग पाउडर के साथ मास्क भी दिया गया है और इस्तेमाल के बारे में भी जानकारी दी गई। लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने को कहा गया है। स्वास्थ्य टीम में फार्मासिस्ट दिनेश यादव, कन्हैया लाल यादव, नंद कुमार तिवारी, कृष्ण कुमार दुबे, मनोज कुमार आदि मौजूद रहे।

गांव में गंदगी का ढेर, आबादी में घूम रहे सूअर
बीमारी के प्रसार के बाद भी गांव में साफ-सफाई को लेकर कोई सक्रियता नहीं दिख रही। गांव में अभी गंदगी का अंबार लगा हुआ है। आबादी के बीच सूअर घूम रहे हैं। इससे लोगों में बीमारी के भयावह रूप लेने का डर बना हुआ है। लोगों का कहना है कि गांव में बीमारी के प्रसार की सूचना पहले ही दी गई थी, लेकिन जिम्मेदारों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।
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बोले सीएमओ: हालात पर बनी है नजर
सीएमओ डॉ. रतन कुमार ने कहा कि उसका में प्रभावित दंपती लखनऊ में थे, वहीं बीमारी की चपेट में आ गए। पीजीआई में उनका उपचार चल रहा है। पिकौरा गांव में स्वास्थ्य टीम भेजी गई है। स्वाइन फ्लू का प्रसार नहीं होने दिया जाएगा। हालात पर नजर रखी जा रही है। लगातार दवाओं का वितरण भी हो रहा है। बुखार होने पर तत्काल नजदीकी अस्पताल में संपर्क कर जांच व उपचार कराएं।

इटवा के एक शिक्षक की हो चुकी है मौत
सिद्धार्थनगर। पिछले दिनों इटवा तहसील क्षेत्र में तैनात एक शिक्षक की भी स्वाइन फ्लू से मौत हो गई थी। शिक्षक धर्मपाल सिंह अमरोहा जिले का निवासी था और यहां पेड़ारी प्राथमिक विद्यालय में तैनात था। स्वतंत्रता दिवस के बाद छुट्टी में घर जाते समय उसकी तबीयत बिगड़ी थी। एम्स में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी।
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