सिद्धार्थनगर। फर्जी दस्तावेज तैयार कराने के मामले सोमवार को सिविल जज महेंद्र प्रसाद ने शिक्षिका, उसके पति व बेटे के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर गिरफ्तार करने का आदेश दिया। सदर पुलिस ने आदेश के क्रम में छापेमारी कर पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। शिक्षिका व उसका बेटा अभी भी फरार चल रहे हैं।
अभियोजन के अनुसार पांच वर्ष पूर्व खेसरहा थाना क्षेत्र के एगडेंगवा गांव निवासी शांति देवी ने अपनी नाबालिग बेटी को फर्जी प्रमाण पत्र से बालिग बताकर कोर्ट मैरिज कराने का आरोप शिक्षिका मीरा देवी, पति दुर्गविजय व पुत्र आशुतोष पर लगाया था। मीरा देवी गाजीपुर जिले की निवासी हैं, जो वर्तमान में सदर थाना अंतर्गत दतरंगवा पूर्व माध्यमिक विद्यालय की प्रधानाचार्य हैं। आरोप था कि उनका पुत्र आशुतोष पहले सोनी को भगा ले गया और फर्जी दस्तावेज के आधार पर बालिग बताकर शादी की। शोहरतगढ़ तहसील के जुड़ीकुईया पूर्व माध्यमिक विद्यालय से सोनी का नाम बदलकर कुमारी निधि के नाम से फर्जी मार्कशीट बनाया गया था। इस मामले में सोनी की मां शांति देवी ने न्यायालय में परिवाद दाखिल किया था। इस मामले में दूसरे पक्ष की ओर से हाईकोर्ट से स्टे लिया गया गया था, जो 3 जुलाई को सुनवाई के दौरान खारिज कर दिया गया था। हाईकोर्ट ने निचली अदालत को सुनवाई का आदेश दिया था। मंगलवार को सुनवाई करते हुए सिविल जज महेंद्र प्रसाद ने आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज करते हुए तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजने के लिए संबंधित थाने को आदेश दिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए सदर पुलिस ने शिक्षिका के पति दुर्गविजय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। शिक्षिका मीरा देवी व उसका पुत्र आशुतोष फरार चल रहा है।