सिद्धार्थनगर। सदर ब्लॉक प्रमुख शफीक अहमद की कुर्सी अंतत: शनिवार को छिन गई। शक्ति प्रदर्शन के मौके पर वे नदारद रहे। ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ 70 सदस्यों ने मतदान किया, जबकि एक सदस्य ने प्रस्ताव के खिलाफ वोट दिया। ब्लॉक प्रमुख समेत आठ सदस्य अनुपस्थित रहे। चार सदस्यों के वोट अमान्य करार दिए गए। एक तरफा वोटिंग से सदर ब्लॉक में तख्तापलट के बाद सदस्यों ने जमकर खुशी मनाई। एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जीत का इजहार किया।
जानकारी के मुताबिक 84 सदस्यों वाली क्षेत्र पंचायत सदर में कुल 83 निर्वाचित सदस्य हैं। वहीं, महदेवा लाला सीट एसटी आरक्षण के चलते रिक्त है। वर्ष -2016 में हुए चुनाव में शफीक अहमद ने 55 वोट पाकर ब्लॉक प्रमुख निर्वाचित हुए थे। सत्ता बदलने के बाद बदले राजनीतिक समीकरण में सदस्यों ने शफीक अहमद के खिलाफ अविश्वास जताते हुए 25 मई को डीएम को ज्ञापन दिया था। इस पर शक्ति प्रदर्शन के लिए 17 जून की तिथि तय थी। शनिवार को सुबह से ही सदर ब्लॉक परिसर में गहमागहमी का माहौल रहा। स्थिति को देखते हुए पर्याप्त सुरक्षा कर्मी नियुक्त किए गए थे।
शक्ति परीक्षण के वक्त ब्लॉक प्रमुख शफीक अहमद मौके से नदारद रहे। करीब 11 बजे शुरू हुई कार्यवाही के काफी देर बाद भी प्रमुख अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित नहीं हुए तो अविश्वास के लिए मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई। शाम 4 बजे तक चली वोटिंग में कुल 75 सदस्यों ने हिस्सा लिया। इसमें 70 ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वोट किया। चार सदस्यों के वोट रद्द कर दिए गए। केवल एक वोट अविश्वास प्रस्ताव के विपक्ष में था। ब्लॉक प्रमुख शफीक अहमद समेत आठ सदस्य पूरी प्रक्रिया में शामिल ही नहीं हुए। अनुपस्थित रहकर उन्होंने अपने संकेत दे दिए थे। शाम 5 बजे मतगणना के बाद चुनाव अधिकारी एडीएम बाबूराम ने परिणाम की घोषणा करते हुए ब्लॉक प्रमुख शफीक अहमद को अपदस्थ घोषित किया। परिणाम की घोषणा होते ही प्रमुख विरोधी खेमा खुशी से झूम उठा। एक-दूसरे को मिठाई खिलाते हुए समर्थकों ने जमकर खुशियां मनाई। चुनाव के दौरान डीपीआरओ बीडी पांडेय, लिपिक रामकेवल, गिरीश मिश्र भी मौजूद रहे। अविश्वास प्रस्ताव के बाद शफीक अहमद का कहना था कि कुर्सी के लिए उन्होंने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। अपने कार्यकाल में सभी बीडीसी सदस्यों के मान-सम्मान की रक्षा की। आगे भी सदस्य के तौर पर अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाएंगे।
अनुपस्थित रहे ये सदस्य
अविश्वास प्रस्ताव की कार्यवाही के दौरान अनुपस्थित रहने वालों में ब्लॉक प्रमुख शफीक अहमद के अलावा रईसा बेगम, अबू शाहिद, अकलाख, विभा शुक्ला, उर्मिला, जयप्रकाश, विमला देवी शामिल रहे।
प्रस्ताव पास होते ही झूमे समर्थक
ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव मंजूर होते ही समर्थकों की खुशी का ठिकाना न था। एक-दूसरे को बधाई देते हुए अगली रणनीति में जुटने का संदेश दिया। खुशी मनाने वालों में संजू सिंह, राजू सिंह, राधेश्याम, श्यामनारायण मौर्य, गंगा मिश्र, अजय कुमार, परशुराम, नितेश, राजेश आदि शामिल रहे।
अब आगे क्या ?
एडीएम बाबूराम के मुताबिक ब्लॉक प्रमुख के अपदस्थ होने की रिपोर्ट शासन को प्रेषित की जाएगी। शासन स्तर पर इसके चुनाव के लिए नए सिरे से प्रक्रिया आरंभ की जाएगी। नए प्रमुख के चुनाव तक विकास कार्यों के संचालन के लिए डीएम की ओर से संचालन समिति का गठन किया जा सकता है।
सदर ब्लॉक में कब-क्या हुआ::
* जनवरी 2016 में प्रमुख 55-28 के अंतर से प्रमुख चुने गए शफीक अहमद।
* 25 मई को 65 सदस्यों ने डीएम को अविश्वास प्रस्ताव के लिए नोटिस दिया।
* 17 जून को मतदान के बाद पद से हटाए गए शफीक अहमद।
बोले प्रमुख : सदस्यों का किया पूरा सम्मान