सिद्धार्थनगर। भाजपा ने सात नगर निकायों में अधिकृत पार्टी प्रत्याशियों के विरुद्ध चुनाव लड़ रहे 13 प्रत्याशियों को बागी बताते हुए छह वर्ष के लिए निलंबित कर दिया है। जिला संयोजक कन्हैया पासवान ने पत्र जारी कर शहर एवं अन्य निकायों के बागी प्रत्याशियों पर कार्रवाई की जानकारी दी है। वहीं भाजपा के तथाकथित बागी प्रत्याशियों का कहना है कि जब पहले से ही पार्टी नेता उनके पार्टी में नहीं होने का बयान देते रहे तो अब निलंबन का कोई औचित्य समझ में नहीं आता है।
भाजपा ने नगर पालिका सिद्धार्थनगर से अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ रहे बसपा प्रत्याशी राकेश दत्त त्रिपाठी, निवर्तमान अध्यक्ष श्याम बिहारी जायसवाल, निर्दल चुनाव लड़ रही संजू सिंह के पति राजू सिंह व मणिकांत शुक्ल को छह वर्ष के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया है। इसी तरह नगर पालिका बांसी से चुनाव लड़ रही नीलम मौर्या व ज्योति साहू, नगर पंचायत बढ़नी से सुनील अग्रहरि, पवन पाठक व नवीन उर्फ गणेश अग्रहरि को पार्टी से निलंबित कर दिया है। इसके अलावा नगर पंचायत कपिलवस्तु से चुनाव लड़ रही तारा देवी, बिस्कोहर से हनुमत निवास पाठक, भारतभारी से विजय कुमार पांडेय और डुमरियागंज से सुशीला अग्रहरि को पार्टी से निलंबित किया गया है। ये सभी प्रत्याशी भाजपा से टिकट जारी होने से पहले भाजपा के बैनर तले प्रचार प्रसार में जुटे हुए थे। टिकट नहीं मिला तो उन्होंने अन्य पार्टी या निर्दल प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरने का निर्णय किया। बसपा के प्रत्याशी राकेश दत्त त्रिपाठी का कहना है कि चुनाव के पहले भाजपा के नेता यह कहते थे कि वह पार्टी में ही नहीं है, तो अब निष्कासन अथवा निलंबन की बात कहां से आती है।