भाजपा जिलाध्यक्ष पद के लिए 13 ने किया नामांकन
नामांकन करने वालों में क्षेत्रीय व जिला पदाधिकारी शामिल
प्रदेश परिषद पद के लिए सात उम्मीदवारों के पर्चे दाखिल
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। भाजपा जिलाध्यक्ष पद के लिए 13 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किया। इनमें जिलाध्यक्ष समेत क्षेत्रीय व जिला स्तरीय कई पदाधिकारी भी शामिल हैं। प्रदेश परिषद के पद पर भी 7 उम्मीदवारों ने पर्चा भरा। चुनाव परिणाम शीर्ष नेतृत्व के निर्णय बाद घोषित किया जाएगा।
बुधवार को मुख्यालय स्थित लोक निर्माण विभाग के रेस्ट हाउस पर नगर निगम वाराणसी के पूर्व मेयर व जिला चुनाव अधिकारी राम गोपाल मोहले एवं सह चुनाव अधिकारी पीएन पाठक की मौजूदगी में जिले में भाजपा जिलाध्यक्ष पद के लिए हुए नामांकन के दौरान काफी गहमागहमी रही। नामांकन करने वालों में जिलाध्यक्ष लालजी त्रिपाठी, क्षेत्रीय मंत्री गोविंद माधव, जिला महामंत्री दीपक मौर्य, दिलीप चतुर्वेदी, क्षेत्रीय मंत्री पिछड़ा वर्ग शिवनाथ चौधरी समेत अजय कुमार पांडेय, घनश्याम मिश्रा, किसान मोर्चा के अध्यक्ष विजयकांत चतुर्वेदी, राजेन्द्र प्रसाद साहनी, अरविंद उपाध्याय, चिकित्सा प्रकोष्ठ के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. रामानंद वर्मा, भाजयुुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष आनंद स्वरूप उर्फ बब्बू मिश्रा, उमेश पांडेय शामिल रहे। प्रदेश परिषद के पांच पदों के लिए पर्चा दाखिल करने वालों में चन्द्रभान पहलवान, राजेन्द्र दुबे, वैंकेटेश मिश्रा, पद्माकर शुक्ला, विनोद मिश्रा, दयाशंकर, राजू कन्नौजिया शामिल हैं। नामांकन प्रक्रिया के दौरान 38 मतदाताओं की मौजूदगी रही। इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष परमात्मा पांडेय, राम कुमार कुंवर, नरेन्द्र मणि त्रिपाठी, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष मोनी पांडेय, कन्हैया पासवान, शिवसरन चौरसिया, हेमंत जायसवाल, योगेन्द्र, केशभान राय, सरोज शुक्ला, नितेश पांडेय आदि की मौजूदगी उल्लेखनीय रही। जिला चुनाव अधिकारी राम गोपाल मोहले ने बताया कि प्रदेश नेतृत्व को रिपोर्ट देंगे। निर्णय उच्च स्तर से ही लिया जाएगा।
उम्र की बाध्यता से कई हुए बाहर
पहली बार भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की ओर से तय किए मानक से कई दिग्गज जिलाध्यक्ष पद की दावेदारी से बाहर हो गए। इस बार के चुनाव में 40 से 55 वर्ष के बीच के उम्र वालों को नामांकन करने के लिए निर्देशित किया गया था। इसके अलावा दो बार सक्रिय सदस्य होना भी अनिवार्य था। लिहाजा, केंद्र व प्रदेश में सत्ता होने के बाद भी कई दिग्गज पद पर काबिज होने से वंचित हो गए।
पहली बार सर्वाधिक नामांकन
भाजपा जिलाध्यक्ष पद के लिए पहली बार सर्वाधिक 13 प्रत्याशियों ने नामांकन किया। इसके पीछे केंद्र और प्रदेश में सत्ता होने का असर या कुछ और हो भी सकता है। बहरहाल, जिलाध्यक्ष कौन बनेगा, यह तो मतदाताओं की रायशुमारी व शीर्ष नेतृत्व के अंदरूनी सर्वे ही तय करेगा।