मैं जा रहा हूं तेरा शहर छोड़कर नाना...
फोटो कैप्सन-05एसडीएन80पी,81पी व 82पी- हल्लौर गांव में सफरे इमाम हुसैन की याद में निकाले गए अलम व अमारी का जुलूस, इमाम हुसैन की सवारी जुलजनाह का बोसा लेते अकीदतमंद और शबील पर पेय पदार्थ पीते जायरीन
कर्बला की दास्तां सुन रो पड़े अकीदतमंद
हल्लौर में सफरे इमाम हुसैन की याद में निकला अलम-अमारी का जुलूस
अमर उजाला ब्यूरो
डुमरियागंज। शिया बहुल कस्बा हल्लौर में शुक्रवार दोपहर तीन बजे के करीब अकीदतमंदों ने इमाम हुसैन के मदीने से कर्बला के लिए किए गए सफर की याद में अलम-अमारी व जुलजनाह का विशाल जुलूस निकाला गया। इसमें अकीदतमंदों ने पूरे जोशो-खरोश से नौहा व मातम किया। जुलूस देर शाम कर्बला पर पहुंचकर संपन्न हो गया।
डुमरियागंज-इटवा मुख्य मार्ग पर स्थित इमामबाड़ा हुसैनिया कनीज रव्वाब में मर्सिया मजलिस का आयोजन हुआ। आगाज शाहिद आलम व उनके हमनवां ने मर्सिया पढ़कर किया। जाकिरे अहलेबैत जमाल हैदर रिजवी ने कहा कि आज ही के दिन इमाम हुसैन अपने बहत्तर साथियों के साथ मदीना से इराक स्थित कर्बला के लिए रवाना हुए थे। मजलिस में हैदर ने अकीदतमंदों को कर्बला की दास्तां विस्तार से सुनाई जिसे सुनकर अकीदतमंदों की आंखों से आंसू बहने लगे।
मजलिस के बाद जुलूस निकाला गया। अकीदतमंदों ने ‘मै जा रहा हूं तेरा शहर छोड़कर नाना, कसक रहेगी मगर इसकी उम्र भर नाना... नौहा पर मातम किया। वहीं, नफीस हल्लौरी, सावन हल्लौरी, आरजू, मंजर, शकील गुड्डू, सज्जाद, कायनात, मंजर मास्टर, हैदर हल्लौरी, हानी, बब्लू कायमाब, हसन जमाल, नौशाद हल्लौरी, आमिर आदि ने नौहेे पढ़े। वहीं, फैजान अहमद, ताकीब रिजवी, खादिम, जफरूल, आदिल, अकील हैदर, इमरान ईरानी, गुलाब, जामिन, मुदस्सिर, जिया आदि मौजूूद रहे।
दूसरे जनपदों से भी शामिल हुए जायरीन
हल्लौर में शुक्रवार दोपहर सफरे इमाम हुसैन की याद में निकाले गए मातमी जुलूस में क्षेत्र के तिलगड़िया, हटवा, भटगवां, नउवागांव, उतरौला, जमौतिया, बस्ती, रामभारी, वासा, बेंवा आदि शिया बहुल स्थानों के जायरीन भारी तादात में शामिल हुए।