सिद्धार्थनगर। मदरसा विद्यालयों की मान्यता लेने वालों के लिए खुशखबरी है। वर्ष 2016 से बंद हुई मान्यता देने की प्रक्रिया एक बार फिर शुरू हो गई है। अब मान्यता मदरसा मुख्यालय लखनऊ से मिलेगी। जिला स्तर से रिपोर्ट भेजने के बाद ही मान्यता की मिलेगी।
मदरसा विद्यालयों में गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद शासन स्तर से जुलाई 2016 में मदरसा विद्यालयों में मान्यता देने की प्रक्रिया बंद कर दी गई थी। मगर एक बार फिर सरकार ने मदरसा विद्यालयों को मान्यता देने की प्रक्रिया को मंजूरी दे दी है। इस बार आवेदन करने के बाद मान्यता देने का काम मदरसा मुख्यालय से होगा। मान्यता लेने वाले मदरसों को आवेदन करने के बाद शासन जिला स्तर से रिपोर्ट तैयार कराएगा। इसमें अल्पसंख्यक विभाग आवदेन करने वाले मदरसों का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। विद्यालय में कितने कमरे हैं, जाने वाले मार्ग की क्या व्यवस्था है। इसके साथ विद्यालय के भवन की क्या स्थिति है। इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार करने के साथ-साथ विभागीय जिम्मेदार भवन का फोटो खीचेंगे। इसके बाद पूरी रिपोर्ट व फोटो शासन को भेजेंगे। अगर मानक पूरा होगा तो आवेदन करने वाले मदरसों को मान्यता मिलेगी।जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आशुतोष पांडेय ने बताया कि नए मदरसों को मान्यता देने की कवायद अब मुख्यालय स्तर पर होगी। पहले जिले स्तर से मान्यता दी जाती थी। शासनादेश के बाद से यह निर्णय लिया गया है।
जिले में 601 मदरसे पंजीकृत
विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो जुलाई 2016 तक जिले में कुल 601 मदरसों को मान्यता मिली थी। वहीं अभी तक संचालित हो रहे हैं। इसके बाद शासन स्तर से मान्यता देने की प्रक्रिया को बंद कर दी गई थी। मान्यता देने की प्रक्रिया शुरू होने से मदरसों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।