11वीं के छात्र की गला रेतकर हत्या
सोमवार की शाम चौराहे के लिए घर से निकला था किशोर
परिजनों ने सोशल मीडिया पर गुमशुदगी का मैसेज भी डाला था
संवाद न्यूज एजेंसी
इटवा। चौराहे पर जाने की बात कहकर सोमवार की शाम घर से निकले 11वीं के छात्र की गला रेतकर हत्या कर दी गई। उसका शव इटवा कस्बे विशुनपुर बैराडीह में निर्माणाधीन आईटीआई भवन की पहली मंजिल पर बुधवार की सुबह मिला। पुलिस हत्यारों तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है।
ढेबरुआ थानाक्षेत्र के पचमोहनी गांव निवासी अयोध्या प्रसाद का बेटा विकास (16) इटवा स्थित माता प्रसाद जायसवाल इंटर कॉलेज में कक्षा 11वीं का छात्र था। परिजनों के अनुसार सोमवार को परीक्षा देने के बाद घर लौटा था। थोड़ी देर खेत में काम करने के बाद करीब साढ़े तीन बजे गांव के चौराहे पर जाने की बात कहकर चला गया था। देर शाम तक घर नहीं लौटा तो उसकी तलाश शुरू की गई। परिचित, दोस्त, रिश्तेदारों में पता किया गया लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। रात में सोशल मीडिया पर विकास के गुम होने का संदेश भी डाला गया लेकिन कुछ पता नहीं चला। एसएचओ इटवा वेदप्रकाश ने बताया कि मंगलवार सुबह किसी ने 112 नंबर पर डायल कर आईटीआई भवन परिसर में एक लड़के की लाश होने की सूचना दी। किशोर की पहचान विकास गुप्ता के रूप में हुई। उसकी गला रेतकर हत्या की गई थी। इस दौरान लोगों ने विकास के शव की फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी थी। सोशल मीडिया से ही परिजनों को हत्या की जानकारी हुई। पुलिस अधीक्षक रामअभिलाष त्रिपाठी ने पहुंच कर मामले की जानकारी ली और एसएचओ वेदप्रकाश श्रीवास्तव को हत्यारों को पकड़ने का आदेश दिया। इस बाबत एसपी रामअभिलाष त्रिपाठी ने बताया कि परिजनों ने किसी से रंजिश होने से इन्कार किया है, जल्द ही केस का खुलासा किया जाएगा।
पहचान वाले ही थे हत्यारे
हत्या की परिस्थितियां देखकर माना जा रहा है कि विकास की हत्या उसकी जान पहचान वालों ने ही की होगी। परिजनों के अनुसार विकास चौराहे पर जाने की बात कहकर सोमवार शाम करीब साढ़े तीन बजे घर से निकला था। उसका शव घर से करीब 12 किलोमीटर दूर आईटीआई भवन में पहले तल पर पाया गया। माना जा रहा है कि हत्यारे उसे यहां बुलाकर लाए होंगे, यानी मारने वाले उसकी जान पहचान के थे जिस कारण उसने यहां आने में कोई विरोध नहीं किया। घटनास्थल उसके स्कूल से चंद कदम की दूरी पर है। स्कूल के छात्र-छात्राएं इंटरवल और छुट्टी में इस इमारत में आते जाते रहते हैं। संभव है कि इसलिए हत्यारों ने यह जगह चुनी होगी कि विकास यहां बिना शक किए उनके साथ चला आएगा।
कॉल रिकॉर्ड से खुल सकता है राज
विकास की मोबाइल पर आई अंतिम दो कॉल हत्यारों की हो सकती हैं, पुलिस भी कॉल डेटा रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगालने में जुटी है। सूत्रों के अनुसार रिचार्ज नहीं होने के कारण विकास के मोबाइल की आउटगोइंग कॉल सेवा बंद थी। लेकिन इनकमिंग सुविधा उपलब्ध थी। उसकी मोबाइल पर अंतिम दो कॉल जिन नंबरों से आईं घटना के बाद से वह दोनों फोन नंबर स्विच ऑफ हैं। पुलिस कॉल करने वालों को खोज में जुटी है। उनके मिलने से हत्या से जुड़ी अहम जानकारियां सामने आने की उम्मीद है।
गला दबाने का भी हुआ था प्रयास
घटनास्थल की परिस्थितियां बता रही हैं कि हत्यारों ने रेतने से पहले विकास का गला भी दबाया या किसी कपड़े से कसा होगा। कटे हुए गले पर नीले निशान से ऐसा प्रतीत हो रहा है। विकास के हाथों में सफेद रंग के ऊनी दस्ताने थे। घटनास्थल पर विकास के तड़पने और पैर घिसटने के निशान हैं, उसके कपड़ों पर भी मिट्टी लगी हुई है लेकिन दस्ताने बिल्कुल साफ हैं। माना जा रहा है कि गला रेतने के दौरान किसी ने उसके हाथ कस कर पकड़ रखा था। जिस कारण उन पर मिट्टी नहीं लग सकी। पुलिस अधीक्षक रामअभिलाष त्रिपाठी ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से काफी कुछ स्पष्ट हो जाएगा।