सिद्धार्थनगर। कर्जमाफी के लिए जिले के 2750 किसानों ने कृषि विभाग में आवेदन किए हैं। आवेदन करने वाले करीब 93 प्रतिशत किसान ऐसे हैं, जो कर्ज तो जमा कर चुके हैं, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि सरकार जमा राशि को वापस कर देगी। वहीं विभाग इससे इन्कार कर रहा है। हालांकि इस संबंध में रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
सत्ता में आने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ किसानों की कर्जमाफी पर मुहर लगा दी थी। इसमें किसान क्रेडिट कार्ड पर लेने वाले किसानों का कर्जमाफ किया गया था। शासन की ओर से तय मानकों की श्रेणी में आए किसानों का कर्जमाफ भी हुआ और जिले के करीब 85 हजार किसानों को इसका लाभ भी मिला है। वहीं कुछ किसान लाभांवित न होने से नाराज थे। उनका आरोप था कि मानक की जद में आने के बाद भी उन्हें लाभ नहीं दिया गया। एक बाद फिर सात से 21 जनवरी तक उन किसानों से आवेदन मांगे गए थे जो खुद को कर्जमाफी की श्रेणी में मान रहे थे। 15 दिन में जिले के 2750 से अधिक किसानों ने कर्जमाफी के लिए आवेदन किया है। कृषि विभाग की ओर से रिपोर्ट तैयार करके शासन को भेजा गया है। इसके बाद आवेदन करने वाले किसानों का राजस्व, बैंक व कृषि विभाग की ओर से जांच की जाएगी। कृषि विभाग के सूत्रों के अनुसार, आवेदन करने वाले कृषकों में पांच से सात प्रतिशत ही मानक के दायरे में आएंगे कि जिनका कर्जमाफ हो सकता है। क्योंकि इसमें कुछ ऐसे किसान भी आवेदन किए हैं जो बकाया राशि जमा कर चुके हैं।
इन किसानों को मिलेगा लाभ
जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह ने बताया 31 मार्च 2016 से 31 मार्च 2017 के बीच जिन किसानों का कर्ज नहीं जमा हुआ है, उन्हें ही कर्ज माफी का लाभ मिलेगा। 2750 किसानों ने कर्जमाफी के लिए आवेदन किया है। इनमें करीब 93 प्रतिशत किसानों ने अपने कर्ज जमा कर चुके हैं। इसके बाद भी उनका आवेदन आया है। सरकार रुपये जमा कर चुके किसानों को किसी भी प्रकार का लाभ नहीं देगी।