सीएमओ कार्यालय में रिश्वत प्रकरण की जांच करने पहुंचे एसडीएम।
- फोटो : अमर उजाला
सिद्धार्थनगर। एनएचएम के तहत नियुक्त संविदा एएनएम से रिश्वत लेने की जांच शुरू हो गई है। प्रथम दृष्टया लगाए गए आरोपों की गहराई से छानबीन की जा रही है।राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत प्रदेश स्तर से चयनित 207 संविदा एएनएम की तैनाती के मामले में भ्रष्टाचार का मामला प्रकाश में आने पर जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया था।
डीएम ने संबंधित लिपिक को तत्काल चुनाव कंट्रोल रूम से संबद्ध करते हुए पूर्व में तैनाती प्रक्रिया को निरस्त करने का आदेश दिया। बाद में नए सिरे से गठित कमेटी के समक्ष लॉटरी व्यवस्था के जरिए सभी को उप केंद्रों पर नवीन तैनाती दी गई। सुविधा शुल्क लेने की शिकायत संबंधी उपजिलाधिकारी सदर उमेश चन्द्र निगम को सौंपा गया है। जांच के क्रम में एसडीएम ने सोमवार को सीएमओ कार्यालय पहुंचे, जहां हड़कंप मच गया। इस दौरान रिश्वत लेने का आरोप लगाने वाली एएनएम से पूछताछ की गई और साक्ष्य उपलब्ध कराने की बात कही गई।उपजिलाधिकारी ने बताया कि जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाया गया है। ठोस साक्ष्य के आधार पर दोषी के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।