सिद्धार्थनगर। बस्ती जिले में सरयू नदी के नौरहनी घाट के पास शुक्रवार को जेब्रा कंडक्टर टूटने से बिजली आपूर्ति का संकट उत्पन्न हो गया है। शनिवार शाम से स्थिति और गड़बड़ा गई। 2427 गांवों में आपूर्ति शनिवार शाम से ठप है। इससे इन गांवों की 20 लाख से अधिक आबादी अंधेरे में है। शहरी क्षेत्रों व आसपास के गांवों में बमुश्किल 6 से 8 घंटे की सप्लाई मिल पा रही है। बिजली निगम के अफसरों के मुताबिक आपूर्ति सुचारू होने में अभी दो से तीन दिन और लग सकते हैं।
2527 गांवों वाले और करीब 30 लाख आबादी वाले जिले में शनिवार शाम छह बजे से ही 2427 गांवों की आपूर्ति बाधित है। इससे यहां के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। निगम की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक बीते 29 अगस्त को ही टांडा-बस्ती के बीच सरयू नदी में जेब्रा कंडक्टर टूटने की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में 10 घंटे व शहरी क्षेत्रों में 20 घंटे आपूर्ति करने की घोषणा की गई थी। इसके बावजूद तय की गई आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। शनिवार को शाम 6 बजे से मुख्यालय से सटे नगरा जोगिया फीडर से जुड़े 250 गांवों में बत्ती गुल हो गई है। कुछ ऐसा ही हाल बर्डपुर , ककरहवा, लोटन, उस्का फीडर आदि से जुड़े गांवों का है। शहरी क्षेत्रों में आपूर्ति 6 से 8 घंटे की बमुश्किल मिल पा रही है। कभी तार बदलने, कभी बड़ी लाइन में खराबी आने तो अक्सर लोकल फाल्ट के नाम पर उपभोक्ताओं के साथ छला जा रहा है।
टांडा-बस्ती के बीच जेब्रा कंडक्टर टूटकर सरयू नदी में गिरने से आपूर्ति शुक्रवार से ही जिले में बिजली आपूर्ति प्रभावित है। शनिवार शाम से स्थिति और बिगड़ गई। मरम्मत का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। फिर भी आपूर्ति बहाल होने में अभी भी दो से तीन और लग सकते हैं। इसके बाद भी उच्च स्तर से मिलने वाली सप्लाई उपभोक्ताओं को दी जा रही है। लगातार आपूर्ति बाधित है तो यह तकनीकी दिक्कतों व लोकल फाल्ट के कारण हो सकती है। - एके श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता