डुमरियागंज। तहसील क्षेत्र के अंतर्गत भालूकोनी घाट, राजा फार्म घाट कोनार गांवों के दक्षिण जहदा घाट पर आने-जाने के लिए ग्रामीणों ने बांस-बल्ली के सहारे कुआनो नदी पर अस्थाई पुल बनाया। जिसके सहारे उक्त तीनों गांवों के लोगों का आवागमन होता था। परंतु इधर बारिश के मौसम व नदी के बढ़े जलस्तर के कारण पुल डूब चुका है। ऐसे में इन गांवों के लोगों को आवागमन में दूसरे मार्ग का सहारा लेना पड़ रहा है। ऐसे में ग्रामीणों को 25 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
क्षेत्र में पक्का पुल या तो चंद्रदीप है या तो अड़वा घाट। परंतु इन दोनों पक्के पुल की आपसी दूरी करीब बीस किमी है। लोगों को काफी चक्कर लगाकर सफर करना पड़ता है। दूरी कम करने के लिए ग्रामीणों ने लकड़ी का पुल बनाकर दूरी कम तो कर दी थी। परंतु इधर बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने से तीनों जगह बने लकड़ी के पुल बह गया है। जिससे क्षेत्रीय लोगों को आवागमन के लिए मजबूरी में उक्त दोनों पक्के पुल का सहारा लेना पड़ता है। जो काफी दूर स्थित है।
बताते चलें कि सिद्धार्थनगर जिले के बीरपुर, हबीबपुर, पथरपुरवा, अहिराडीहा, चकफतवा, परसा हेतीम, बनकटी, पिपराहवा, कारेखूट, मझरतिया, सागररौजा, मझारी, परसा मुर्तजा, खखरगड्डी, गुलरिहा, पिरैली, भुईगांवा, देईपार, भालूकोनी, जंगलीपुर, भानपुररानी, रठैना, कोनार आदि गांवों से लोग भालूकोनी घाट, राजा फार्म घाट, जहदा घाट पर बने लकड़ी के पुल से बस्ती जनपद के लमुईया, भोलापुर, चंदोखा, शंकरपुर आदि गांव तथा गोण्डा जिले के बेलभऊर, अचलपुर, लक्ष्मणपुर, अल्लीपुर, घनश्यामपुर, बरहिया आदि गांवों इसी पुल से जाते थे। जो इन दिनों बंद हो चुका है। क्षेत्र के मो. शमी, कैश मोहम्मद, सोमई, रामदेव, सन्तराम, हरिराम, रामगोपाल, नीबर, कन्हैया, राजेश तिवारी, आनंद भारती, रफीक, रमजान, अरविंद, जगदंबा सिंह, गुलाम मोहम्मद आदि ग्रामीणों ने पक्के पुल का निर्माण करने के लिए शासन-प्रशासन से मांग की है।
डुमरियागंज एसडीएम राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि बांस-बल्ली के पुल की जगह राजा फार्म घाट पर पुल बनाने के लिए उन्होंने रिपोर्ट भेजी है। वहीं विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि भालूकोनी घाट व राजा फार्म घाट पर पुल के निर्माण का प्रस्ताव दिया गया है। इसमें राजा फार्म घाट पर पुल बनाने के लिए करीब दो करोड़ रुपये भी आ गए हैं। जल्द पुल बनना शुरू हो जाएगा।