सिद्धार्थनगर। जिले के 70 परिषदीय स्कूलों में एक अप्रैल से अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई होनी है। पर, तमाम कोशिशों के बाद भी स्कूलों के संचालन के लिए योग्य शिक्षक नहीं मिल रहे हैं। हाल यह है कि 350 के सापेक्ष अब तक महज 118 शिक्षक-प्रधानाचार्यों का ही चयन हुआ है। अंतिम तिथि नजदीक आने के साथ ही शासन का दबाव बढ़ रहा है तो विभागीय अफसर बेचैन हैं।
परिषदीय स्कूलों को कान्वेंट स्कूल के समकक्ष खड़ा करने के मकसद से योगी सरकार ने एक अप्रैल से जिले के 70 स्कूलों अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू कराने का निर्णय लिया है। निर्देश के तहत प्रत्येक ब्लाक के चुनिंदा स्कूलों में एक अप्रैल से शुरू होने वाले नए शिक्षण सत्र से अंग्रेजी माध्यम मेें पढ़ाई आरंभ होगी। इसके तहत जिले के 14 ब्लाकों से कुल 70 स्कूलों का चयन हुआ है। प्रत्येक स्कूल में एक प्रधानाचार्य व चार शिक्षकों की तैनाती के लिए विभाग को 350 शिक्षकों की जरूरत है। विभाग को अब तक वांछित संख्या में योग्य शिक्षक नहीं मिल पाए हैं, जबकि चयन प्रक्रिया जनवरी में ही शुरू कर दी गई थी।
इसलिए शिक्षक नहीं ले रहे रुचि
हिंदी माध्यम से पढ़ाने के आदी हो चुके अधिकांश शिक्षक अंग्रेजी के ‘भूत’ से भय खाए हुए हैं। उन्हें अपनी परफार्मेंस बिगड़ने और दूर दराज तैनाती का डर सता रहा है। यही नहीं आराम की नौकरी में मोटी पगार पाने वाले शिक्षक अंग्रेजी की पढ़ाई का तनाव लेने को भी तैयार नहीं है। उनका कहना है कि जब उतनी ही तनख्वाह हिंदी माध्यम से पढ़ाई में मिल रही है तो अंग्रेजी का बोझ क्यों झेलें।
पद के सापेक्ष चयन::
चिह्नित स्कूल : 70
प्रधानाचार्य पद : 70
शिक्षक : 280
चयनित प्रधानाध्यापक : 26
चयनित शिक्षक : 92
अब मनचाही तैनाती का लॉलीपॉप
अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई के प्रति शिक्षकों का रुझान बढ़ाने के लिए विभाग ने अब मनचाही तैनाती का लॉलीपॉप दिखाया है। नए आदेश के तहत अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में तैनाती के लिए इच्छुक शिक्षकों को मनचाही तैनाती दी जाएगी। वह चयनित 70 स्कूलों में जहां चाहे तैनाती ले सकते हैं, मगर बहानेबाजी छोड़कर नियमित अध्यापन और बेहतर परफार्मेंस देने की शर्त रहेगी।
एक अप्रैल से सभी 70 स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू होनी है। इसके लिए शिक्षकों का चयन जारी है। सभी बीईओ को निर्देश दिया गया है कि अपने क्षेत्र से 25 प्रधानाध्यापक व 100 शिक्षकों की सूची तैयार कर उपलब्ध कराएं। इन्हीं में योग्य शिक्षकों का चयन अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों पर किया जाएगा।
- मनीराम सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी