सिद्धार्थनगर। नये सत्र में जिले में शिक्षा व्यवस्था बेपटरी होने वाली है। कारण बेसिक शिक्षा विभाग मेें शिक्षकों की घोर कमी हो गई है। दो बार हुए स्थानांतरण में जिले से लगभग 1100 शिक्षक गैर जनपद स्थानांतरण पर जा चुके हैं। आए केवल 28 शिक्षक हैं, ऐसे में कई विद्यालयों में पर ताला लटक जाएगा और शिक्षण कार्य प्रभावित होगा।
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जनपद में लगभग 2700 विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इनमें प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक दोनों विद्यालय शामिल हैं। शिक्षकों के आकड़ों पर गौर करें तो पूर्व में जिले में तकरीबन 6400 शिक्षक जिले में कार्यरत थे। बीते वर्ष जुलाई और अगस्त माह में कोर्ट के आदेश पर हुए स्थानांतरण में 500 से अधिक शिक्षक गैर जनपद स्थानांतरित हो चुके थे। वहीं शासन से लंबे से समय से गैर जनपद स्थानांतरण की व्यवस्था को इस वर्ष मंजूरी मिली। इसके बाद तबादला करने की प्रक्रिया शुरू हुई और शिक्षकों से ऑनलाइन आवेदन मांगा गया था। इसमें 600 शिक्षकों का गैर जनपद स्थानांतरण हो गया है। जबकि बाहर से केवल 28 शिक्षक स्थानांतरण पर आए हैं। ऐसे में शिक्षकों की घोर कमी हो गई है। पहले से ही शिक्षकों की कमी के चलते 28 विद्यालय एक-एक शिक्षक के भरोसे किसी तरह से संचालित हो रहे थे। जबकि शिक्षकों के न होने के कारण 16 विद्यालयों पर ताला लटक रहा है। अब एकाएक इतनी संख्या में शिक्षक कम हो गए हैं। ऐसे में नये सत्र में परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था के बेपटरी होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। शिक्षकों की कमी के कारण एकल विद्यालयों की संख्या में भी इजाफा होगा। इसके साथ ही बंद होने वाले विद्यालयों की संख्या बढ़ेगी। क्योंकि स्थानांतरण पर तो भेज दिया गया है। अब देखा जा रहा है कि किस विद्यालय से कितने शिक्षक गए हैं। फिलहाल अगर जल्द कमी नहीं पूरी की गई तो शिक्षण कार्य प्रभावित होगा। इस संबंध में बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि स्थानांतरण शासन के मंशानुसार हुआ है। जो शिक्षक हैं, उन्हीं के माध्यम से शिक्षण कार्य कराया जाएगा।