धेंसा। चिल्हिया थाना क्षेत्र के सिरवत गांव में बुधवार शाम गांव के पास सिवान में लटके तार को पकड़ते ही 10वीं के छात्र अनुराग त्रिपाठी (16) की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। इसके बाद गांव में मातम छाया हुआ है और परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम करवाने से इन्कार कर दिया। वहीं, गांव के लोग बिजली निगम की लापरवाही बता रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के सिरवत गांव निवासी अनुराग त्रिपाठी (16) पुत्र अरुण कुमार त्रिपाठी बुधवार देर शाम घर से दक्षिण तरफ नहर पर घूमने गया था। स्थानीय लोगाें का कहना है कि वहां से 33 हजार आपूर्ति वाला हाईटेंशन तार जो जर्जर घोषित है, पहले से लटक रहा था। वहीं, इसके पास से 11 वोल्ट सप्लाई की नई लाइन बिछाई गई है, जिससे गांव में आपूर्ति की जा रही है। यही हाईटेंशन लाइन का जर्जर तार नई लाइन से सट गया, जिसे पकड़ने से अनुराग बिजली की चपेट में आ गया और उसकी मृत्यु हो गई।
गांव वालों ने बताया कि बाणगंगा नहर से शोहरतगढ़ तक जाने वाली 33 हजार वोल्टेज की सप्लाई लाइन वर्तमान समय में बंद है। लोहे के टूटे जर्जर पोल से जगह-जगह तार लटक रहे हैं। इसकी सूचना बिजली निगम के एसडीओ व जेई को भी दी गई लेकिन उन्होंने सप्लाई बंद होने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया। 33 हजार सप्लाई के निष्प्रयोज्य जर्जर पोल और तार से हादसे का खतरा संबंधित खबर अमर उजाला अखबार में कई बार प्रकाशित भी हुई लेकिन बिजली निगम के जिम्मेदारों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। लापरवाही से ही युवक की जान चली गई।
इस संबंध में एसओ चिल्हिया राजेश कुमार गुप्ता ने कहा कि घटना के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। अगर सूचना दी गई होती तो मामले की जांच करके कार्रवाई की जाती।
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मौत के बाद गांव में मातम, परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
अनुराग करौंदा नानकार स्थित निजी स्कूल में कक्षा 10वीं का छात्र था और उससे परिवार को बड़ी उम्मीदें थीं। उसकी मौत के बाद से गांव में मातम का माहौल है। मां-बाप व परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अनुराग शारीरिक रूप से स्वस्थ था। अचानक हुए इस हादसे से पूरा परिवार सदमे में हैं। दो भाइयों और एक बहन में सबसे छोटा था। परिवार की आर्थिक स्थित ठीक नहीं है। पिता सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं। उक्त घटना की सूचना मिलने पर देर रात शोहरतगढ़ के विधायक विनय वर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा लालजी त्रिपाठी सहित तमाम लोगों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
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लटक रहे बिजली के पोल से हुआ हादसा
धेंसा। सनई बाणगंगा नहर से होकर शोहरतगढ़ तक जाने वाली दशकों पहले लोहे के पोल से 33 हजार वोल्ट की सप्लाई के लिए लगाए गए पोल व तार पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। इस समय इसके जरिये बिजली आपूर्ति नहीं की जाती है। जगह-जगह झुके हुए जर्जर पोल व लटकते तार से हादसे की आशंका बनी रहती है। इसी लटकते हुए बिजली के तार के नीचे जा रही 11 वोल्टेज की सप्लाई के तार के सटने से अनुराग त्रिपाठी की बुधवार देर शाम मौत हो गई। विगत एक दशक से बिजली सप्लाई बंद होने के बाद भी बिजली निगम के अफसरों की लापरवाही से जर्जर पोल और तार नहीं हटाए गए। सिरवत निवासी अजय कुमार शुक्ल, प्रसून शुक्ल, बाल गोविंद, पलिया निवासी मुरली मिश्र आदि लोगों ने कहा कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण विगत कई वर्षों से नहर पर लगे जर्जर पोल और तार लटक रहे हैं। यदि समय रहते इसे हटवा दिया गया होता तो शायद यह हादसा नहीं होता।
इस संबंध में एक्सईएन बिजली निगम ज्ञान प्रकाश ने कहा कि किशोर तार खींच रहा था। तभी सप्लाई आ गई। इसी कारण यह हादसा हुआ।