मिश्रौलिया क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय गोनरा पर ग्रामीणों ने जड़ा ताला।
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मिश्रौलिया। परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे है। मंगलवार को खुनियांव विकास खंड के पूर्व माध्यमिक विद्यालय गोनरा में इसकी बानगी देखने को मिली। यहां तैनात इकलौती शिक्षिका कुछ दिनों से मेडिकल अवकाश पर हैं। बावजूद इसके अतिरिक्त शिक्षक का इंतजाम नहीं किया। बेसिक शिक्षा विभाग की लापरवाही से नाराज अभिभावकों ने मंगलवार को स्कूल में ताला लगा दिया। उनका कहना था जब यहां कोई अध्यापक ही नहीं है तो विद्यालय खुले रहने का क्या मतलब है।
यहां पिछले काफी दिनों से कोई अध्यापक बच्चों को पढ़ाने नहीं आ रहा। शिक्षिका के मेडिकल अवकाश पर होने के बाद भी बीईओ कार्यालय से न तो अतिरिक्त शिक्षक की तैनाती की गई और न ही स्कूल को बंद किया गया। यहां बच्चे रोज पढ़ने आते हैं, लेकिन पढ़ाने वाला कोई नहीं रहता। मंगलवार को यहां छह, सात और आठ की कक्षाओं में कुल 68 बच्चों की मौजूदगी थी। इसी बीच कोई आपूर्तिकर्ता आकर बच्चों में ड्रेस बांट गया। ड्रेस की घटिया क्वालिटी और बिना किसी जिम्मेदार की मौजूदगी में ड्रेस वितरण होता देख अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा और बच्चों को स्कूल से बाहर कर ताला लगा दिया। अभिभावक नरेंद्र बहादुर सिंह, टेकधर पांडेय, ब्रह्मलाल, विशंभर, हरि प्रसाद, राजबली निषाद, हरीलाल, विदेशी, रंगीलाल सोनी, प्रदीप गोंड़, विनय कुमार, राजू पांडेय, छोटू निषाद, संकटा प्रसाद, लड्डू लाल, कोमल निषाद, रामबेलास, राकेश निषाद, दुर्गा प्रसाद, विवेक आदि का कहना है कि जब यहां एक ही शिक्षिका तैनात थी तो उनके अवकाश पर जाने के बाद अतिरिक्त शिक्षक का इंतजाम क्यों नहीं किया गया। ड्रेस आपूर्तिकर्ता घटिया दर्जे का ड्रेस बांटकर स्कूल से चला गया। जबकि स्कूल प्रबंध समिति के लोगों को बुलाया तक नहीं गया। लोगों ने बीएसए से इस मामले की शिकायत की है।