सिद्धार्थनगर/डुमरियागंज।विद्युत वितरण व्यवस्था के निजीकरण के विरोध में जिले के विद्युत कर्मचारियों ने गुरुवार को दोपहर तीन से शाम पांच बजे तक कार्य बहिष्कार कर धरना दिया। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर निजीकरण का फैसला वापस नहीं लिया जाता तो उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।
मुख्यालय के अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर आयोजित धरने में वक्ताओं ने कहा कि सरकार का फैसला न्याय संगत नहीं है। बिजली व्यवस्था को निजी क्षेत्र में सौंपने का हर स्तर पर विरोध होगा। अगर सरकार शीघ्र फैसला वापस नहीं लेती तो किसी भी हद तक जाने को कर्मचारी मजबूर होंगे। अध्यक्षता इं.दीपक कुमार सिंह ने की। इस मौके पर अधीक्षण अभियंता एके श्रीवास्तव, एक्सईएन पीएन प्रसाद, एसडीओ अखिलेश्वर प्रसाद, विनय कुमार, पंकज विश्वकर्मा, सुरेंद्र कुमार, विनोद कुमार, सरेंद्र कुमार, चंद्रशेखर, अरुण कुमार द्विवेदी, मदन लाल, रामायन प्रसाद, विकास कुमार, अनिल कुमार, गनेश मिश्र, अरुण पाल, दीना वर्मा, अजीत सिंह, रामरतन, सिद्धार्थशंकर गुप्ता, विनीत कुशवाहा, बीपी सिन्हा आदि शामिल रहे।
वहीं डुमरियागंज उपकेंद्र परिसर में धरना को संबोधित करते हुए बस्ती के अधीक्षण अभियंता इं.बी.प्रसाद ने कहा कि सरकार निजीकरण के लिए टोरेंट पावर की जो उपलब्धियां गिना रही है, उसका वास्तविक आंकड़ों से कोई मतलब नहीं है। जिन पांच महानगरों में बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने की बात सरकार कर रही है, वह पहले से ही काफी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति को अखिल भारतीय किसान सभा, अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन और सेंटर आफ इंडियन ट्रेड यूनियनों ने भी समर्थन का ऐलान किया गया है। इस दौरान अधिशासी अभियंता एके सिंह, बीएल सिंह, रवि गुप्ता, हेमंत सिंह, छोटेलाल, अमित कुमार, रामशब्द, मनोज यादव, एसके मिश्रा, जितेंद्र मौर्या, रामसहाय, अली अहमद आदि उपस्थित रहे।