सिद्धार्थनगर। एक जुलाई से देश में जीएसटी प्रभावी हो जाएगा। ऐसे में व्यापारी अपना सारा काम काज छोड़कर जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराने में जुटे हुए हैं। जीएसटी को आनन-फानन में लागू करने को लेकर जहां व्यापारी परेशान हैं वहीं अधिवक्ता भी व्यापारियों का रजिस्ट्रेशन कराने में उलझे हुए हैं। जीएसटी को लेकर जिले में व्यापक प्रचार-प्रसार न किए जाने से असमंजस से जूझते व्यापारी समाधान के लिए अधिवक्ताओं के पास पहुंच रहे हैं। अचानक से बढ़ी भीड़ को देखकर अधिवक्ता वर्ग भी हैरान हैं। उनका मानना है कि व्यापारियों में जिस तरह बेचैनी है, उससे साफ है कि वह अभी जीएसटी को समझ नहीं पाए हैं। ऐसे में इसे लागू किया जाना परेशानी का सबब हो सकता है।
अधिवक्ता प्रहलाद जायसवाल ने बताया कि जब सरकार अभी तक खुद इसकी तैयारियां नहीं पूर्ण कर पाई है तो व्यापारी जीएसटी से कैसे जुड़ पाएंगे। सरकार जीएसटी लागू नहीं कर रही है, बल्कि जल्दबाजी में व्यापारियों पर मढ़ा जा रहा है। अधिवक्ता अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि सरकार को जीएसटी लागू करने से पहले व्यापारियों को व्यापक प्रचार प्रसार के माध्यम से जागरूक करना चाहिए। अभी 20 प्रतिशत व्यापारी भी जीएसटी के बारे में नहीं समझ पाए हैं। अभी तक इसका साफ्टवेयर तक नहीं तैयार किया जा सका है। अधिवक्ता अमित त्रिपाठी ने बताया कि कई व्यापारियों ने अपने फर्म का नाम बदल दिया है। ऐसे में उनको पासवर्ड बनाने में काफी दिक्कतें आ रही हैं। विभाग वाणिज्य विभाग के लोगों को भी इसकी पूरी जानकारी नहीं है। व्यापारी काफी परेशान हो रहे हैं। अधिवक्ता प्रशांत पाठक ने बताया कि जीएसटी लागू करने से पहले सरकार को व्यापारियों को समझने का मौका देना चाहिए। एक जुलाई से जीएसटी लागू हो रहा है और अभी तक 20 प्रतिशत लोग भी इससे नही जुड़ पाए हैं। ऐसे में व्यापारी खरीददारी कैसे करेगा। सरकार को इस पर भी विचार करना चाहिए।