सीएम का सचिव बनकर कोटा बहाली के लिए ठगे 10 हजार
सिद्धार्थनगर। निलंबित कोटे की दुकान की बहाली के लिए खुद को सीएम का सचिव बताकर ठगी करने के आरोपित को साइबर सेल और पथरा पुलिस की संयुक्त टीम ने क्षेत्र के करही बैंक के पास से दबोच लिया। पकड़ा गया आरोपित बस्ती जनपद का निवासी है। बुधवार को ही केस दर्ज करके पुलिस उसे पकड़ने में जुटी थी। पूछताछ करने के बाद उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पथरा थाना क्षेत्र के मिरवापुर गांव निवासी राम नेवास के मुताबिक 24 मार्च को दोपहर 1:19 बजे उनके गांव के ग्राम प्रधान के मोबाइल नंबर पर एक नंबर से फोन आया। फोन करने वाला व्यक्ति ने खुद को मुख्यमंत्री का सचिव बताया और उसी दौरान पीड़ित के मोबाइल नंबर पर कांफ्रेंस करके पूर्व में निलंबित कोटे को पुन: बहाल करने के संबंध में बात करने लगा। इसी दौरान सप्लाई बाबू अर्पित सिंह डुमरियागंज को भी कांफ्रेंस में लेकर पीड़ित के निलंबित कोटे को बहाल करने के संबंध में बातचीत करने लगा। पीड़ित ने बताया कि ग्राम प्रधान व सप्लाई बाबू से फोन काटकर आरोपित मुझसे बात करने लगा और कहा कि तुम 10 हजार रुपया मुझे दे दो कोटा पुन: बहाल हो जाएगा। यदि रुपये नहीं दिए तो जांच बैठाकर गंभीर धाराओं में मुकदमा लिखवाकर जिंदगी भर के लिए जेल में सड़ा दूंगा। डरा धमकाकर व झांसा में लेकर कहा कि ग्राम प्रधान व सप्लाई बाबू से बात हो गई है। उन लोगों ने तुम्हें पैसा देने के लिए कहा है।
उसमें एक बैंक खाता नंबर दिया और उसमें रुपये ट्रांसफर करने के लिए कहा। डरवश तथा उसके झांसे में आकर उसी दिन जनसेवा केन्द्र से खाता नंबर में रुपये ट्रांसफर कर दिया। जब इस संबंध में ग्राम प्रधान से बात किया तो उन्होंने डांटते हुए कहा कि मैं क्यों रुपये मांगूंगा। रुपये क्यों डाल दिया। तुम्हारे साथ ठगी हुई है। तत्काल इस संबंध में पथरा पुलिस से शिकायती की। पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। इसमें साइबर सेल प्रभारी पंकज कुमार पांडेय और अतुल कुमार चौबे और दिलीप कुमार द्विवेदी की टीम ने जांच शुरू की। इसके बाद पथरा थानाध्यक्ष राजेश कुमार मौर्य के साथ टीम गठित करके तलाश शुरू की तो आरोपित के क्षेत्र के करही बैंक पास होने की जानकारी मिली। टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपित को पकड़ लिया। उसने अपनी पहचान चंद्र प्रकाश सिंह पुत्र नरसिंह ग्राम बेमहरी थाना दुबौलिया जनपद बस्ती बताया। उसके कब्जे से छह हजार रुपये नकद भी बरामद किया गया। पूछताछ के बाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।