डेढ़ लाख की आबादी तीन चिकित्सक के भरोसे
- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बढ़नी में स्वास्थ्य सेवा बदहाल
- बालरोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने से और होती है परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
तुलसियापुर। बढ़नी ब्लॉक क्षेत्र की 77 ग्राम पंचायतों के अलावा नेपाल के मरीजों के इलाज की जिम्मेदारी संभालने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बढ़नी का उच्चीकरण न होने से लोग सुविधाओं से वंचित हैं। उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कई वर्ष से लोग सीएचसी के लिए जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों से मांग कर रहे हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिलता है। शोहरतगढ़ विधायक के मामले में गंभीर होने से तहसील प्रशासन ने जमीन की तलाश पूरी कर ली है। अब क्षेत्रीय लोगों को बजट का इंतजार है।
बढ़नी ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बढ़नी पर डेढ़ लाख की आबादी के इलाज का जिम्मा है। इसके अलावा पड़ोसी देश नेपाल के सीमावर्ती गांवों के मरीज भी आते हैं। मौजूदा समय में तीन डॉक्टरों के सहारे अस्पताल चल रहा था। पीएचसी स्तर का अस्पताल होने से एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड की सुविधा से मरीज वंचित हैं। ऐसे में अगर कोई चोटिल आ जाता है तो उसका एक्स-रे होना भी मुश्किल हो जाता है। आर्थोपेडिक सर्जन न होने से हड्डी से संबंधित मरीजों को लौटा दिया जाता है।
ओपीडी बंद होने से भी मरीज अन्य डॉक्टरों के पास भटकने को मजबूर हैं। इस संबंध में सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल ने बताया कि डॉक्टरों की कमी की जानकारी है। इस संबंध में पत्राचार किया जा चुका है।
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बालरोग विशेषज्ञ भी नहीं हैं
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, बढ़नी ब्लॉक में सात माह से छह वर्ष तक के कुल 36572 बच्चे हैं। बढनी पीएचसी पर बालरोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं होने से लोगों को परेशानी होती है। सामान्य समय पर भी अगर किसी बच्चे की तबीयत खराब हो जाती है तो परिजनों को उसका इलाज जिला मुख्यालय पर करवाना पड़ता है।