गिरंट बाजार। बाल विकास पुष्टाहार विभाग की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किया जा रहा है, लेकिन इसका कितना लाभ लोगों को मिल पाता है, इसका खुलासा बृहस्पतिवार को की गई पड़ताल में हुआ। कई स्थानों पर आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर भवन में चलते मिले, तो कहीं पर लंबे अरसे से कार्यकर्ता केंद्र पर पहुंची ही नहीं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि नौनिहालों को पोषण व प्रारंभिक शिक्षा किस स्तर की मिलती होगी।
जमुनहा क्षेत्र की ग्राम पंचायत ददौरा के मजरा भटवा में आंगनबाड़ी केंद्र का ताला बंद मिला। आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि सहायिका केंद्र को कभी-कभी खोलती है। कार्यकर्ता अनीता सिंह वर्ष में एक बार ही आती है। पोषाहार भी कभी-कभार ही बंटता है।
ग्राम पंचायत उत्तमापुर के मजरा पुरखियापुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का ताला कभी नहीं खुलता है। केंद्र का गेट भी टूटा हुआ है। आसपास के लोगों ने बताया कि यहां तैनात कार्यकर्ता राजकुमारी वर्मा केंद्र पर नहीं आती हैं।
ग्राम उत्तमापुर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन किया जा रहा है। आसपास मौजूद ग्रामीण मोतीलाल, राम बहादुर व पंचराज चौहान ने बताया कि यदाकदा ही पोषाहार का वितरण किया जाता है। केंद्र का अपना भवन जर्जर होने से स्कूल में चलाया जा रहा है।
आंगनाड़ी केंद्र लोहरास निरहा में ताला लगा मिला। आसपास मौजूद अर्चना देवी, पूनम देवी व रेखा आदि ने बताया कि केंद्र कभी-कभार ही खुलता है। वर्ष में तीन से चार बार ही पोषाहार का वितरण किया जाता है।
वर्जन
भटवा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का पद रिक्त है, सहायिका केंद्र का संचालन करती है। कार्यकर्ता की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है।
-विवेक शाही, सीडीपीओ जमुनहा
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जहां पर आंगनबाड़ी केंद्र के भवन जर्जर हैं, वहां का केंद्र स्कूलों में चलाया जाता है। कुछ स्थानों पर कार्यकर्ता का पद रिक्त है। केंद्र बंद होने की सूचना नहीं है, जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
- श्यामू सिंह, सीडीपीओ, गिलौला