इकौना। बलरामपुर में मजदूरी करने गए इकौना के भगवानपुर बनकट निवासी श्रमिक रामकुमार (40) की 22 फरवरी को कुछ लोगों ने पिटाई कर दी थी। 23 फरवरी को उनको घर के पास छोड़ दिया गया था। गंभीर रूप से घायल रामकुमार का लखनऊ में इलाज करवाने के बाद बृहस्पतिवार को परिजन घर ले आए थे। शुक्रवार सुबह उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिजनों ने बताया कि रामकुमार मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते थे। आठ फरवरी को वह बलरामपुर जिले के श्रीदत्तगंज क्षेत्र के अहिरौला गांव में मजदूरी करने गए थे। आरोप है कि 22 फरवरी को वहां मौजूद कुछ लोगों ने किसी बात को लेकर उन्हें रोक लिया और जमकर पिटाई कर दी।
पिटाई से गंभीर रूप से घायल रामकुमार को 23 फरवरी को बेहोशी की हालत में उनके घर के पास छोड़ कर आरोपी चले गए। परिजनों ने उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इकौना में भर्ती करवाया, जहां उनकी हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर कर दिया था।
मेडिकल कॉलेज में भी उनकी हालत नाजुक बनी रही, इस पर चिकित्सकों ने उन्हें ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया। बेटे संजय ने बताया कि माली हालत कमजोर होने के चलते बृहस्पतिवार को वह अपने पिता रामकुमार को लेकर घर चले आए थे, शुक्रवार को उनकी मौत हो गई। रामकुमार ने बताया कि श्रीदत्तनगंज थाने पर प्राथमिकी दर्ज करवा कर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
इकौना थाना प्रभारी परमानंद तिवारी ने बताया कि रामकुमार के बेटे संजय की तहरीर पर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।